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जबलपुर. जिला अदालत ने प्रसव पूर्व जांच प्रतिषेध सम्बंधी अधिनियम के उल्लंघन के मामले में आरोपी मिनोचा सोनोग्राफी सेंटर, जबलपुर के संचालक रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पीसी मिनोचा का दोष सिद्ध पाया। अदालत ने डॉक्टर को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चार हजार रुपए जुर्माना लगाया।
पीसी एवं पीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन का मामला
सोनोग्राफी सेंटर संचालक को 2 साल की सजा
अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी भारती उईके ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर (सक्षम प्राधिकारी गर्भ धारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक प्रतिषेध अधिनियम की ओर से प्राधिकृत अधिकारी) ने परिवाद प्रस्तुत किया। साथ ही मप्र शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश अनुसार राज्य स्तरीय निरीक्षण दल व पर्यवेक्षण दल का गठन किया गया। जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट को उनके अधिकारिता में सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया। इसके चलते जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के पालन में 13 फरवरी, 2017 के गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सोनोग्राफी सेंटर की जांच की गई थी। दल ने सेंटर में संधारित रिकॉर्ड रजिस्टर व पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों का निरीक्षण किया। उसके बाद फॉर्म-एफ और एएनसी रजिस्टर में गर्भवती महिलाओं की पूर्णत: जानकारी नहीं लिखी जाना पाया गया था।
Published on:
25 Nov 2023 03:31 pm
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