
Ordnance Factory Khamaria
जबलपुर। दुश्मन देश की धरती को थर्रा देने वाले एयर बम को देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। रविवार को ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) के सीनियर स्टाफ क्लब में लगी आयुध प्रदर्शनी में जब विशेषज्ञों ने थाउजेंउ पाउंडर, एरियल और 250 किलो एयर बम की खूबियां बताई तो वे आश्चर्यचकित हो गए। इसी प्रकार दूसरे एमुनेशन के बारे में उन्होंने जानकारी ली।
दो दिवसीय आयुध प्रदर्शनी का समापन रविवार को हो गया। फैक्ट्री में तीनों सेनाओं के लिए बन रहे बम को इसमें रखा गया था। क्लब में प्रवेश करते ही सबसे पहले एयर बम ही रखे गए। इनका इस्तेमाल वायुसेना अपने युद्धक विमानों से करती है। भारी भरकम बम को जब लोगों ने देखा तो वे अचंभित थे। बच्चे कहते रहे कि इतना बड़ा बम भी होता है। यह ऐसे बम हैं जिनकी ताकत का लोहा दुनिया मानती है। जहां गिरें वहां भारी तबाही तय है। देश में इनका उत्पादन यही होता है।
पलभर में उड़ जाता है पुल
प्रदर्शनी में हरे रंग के बॉक्सनुमा चार्ज डेमोलेशन को लोगों ने साधारण समझा लेकिन जब उन्हें बताया गया कि यह छोटे जरुरत है लेकिन किसी बडे़ पुल या बंकर को एक सेकंड के धमाके से उड़ा देते हैं। दुश्मन देश की सेना को अपने इलाके में आने से रोकने के लिए बड़ी अधोसंरचना को उड़ाने में इनका इस्तेमाल किया जाता है।
मैंगो नाम, पर भेदता है टैंक को
शहरभर से पहुंचे लोगों को 84 एमएम श्रृंखला के बमों के बारे में बताया गया। इसी प्रकार मैंगों प्रोजेक्ट के बारे में बताया गया। लोगों ने देखा कि इस बम को नाम तो मैंगो है लेकिन इसका काम तो बिल्कुल अलग है। दरअसल रूस के सहयोग से इस बम का उत्पादन किया जा रहा है। इसे मैंगों प्रोजेक्ट का नाम दिया गया। यह 125 एमएम एफएसएडीएस एंटी टैंक एमुनेशन है। यह इतना खतरनाक होता हैकि किसी भी टैँक को भेदकर उसे उड़ा देता है। इसका नियमित उत्पादन चल रहा है।
सोल्डर गन उठाई
प्रदर्शनी में कार्ल गुस्ताफ सोल्डर गन भी रखी गई है। इसका इस्तेमाल आमने-सामने की लड़ाई में किया जाता है। 84 एमएम श्रृखला के सभी बम को इसी से फायर किया जाता है। लोगों ने इसे अपने कंधे पर उठाकर फोटो खिंचवाए। वजन ज्यादा होने के कारण कुछ लोगों ने सिर्फ हाथ लगाकर इसकी ताकत महसूस की।
Published on:
14 Aug 2023 08:39 pm
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