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गांव में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में दी जा रही शिक्षा

सेवानिवृत प्रोफेसर ने दान में दिया स्कूल, एक स्कूल को लिया गोद  

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Education being given in English medium to the children in the village

बच्चों के बेहतर कल को देखते हुए शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के एक सेवानिवृत प्रोफेसर ने कटंगी रोड के कुसली गांव में एक स्कूल बनवाकर दान दे दिया है।

जबलपुर. बच्चों के बेहतर कल को देखते हुए शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के एक सेवानिवृत प्रोफेसर ने कटंगी रोड के कुसली गांव में एक स्कूल बनवाकर दान दे दिया है। इसी जगह पर एक स्कूल को गोद लेकर गांव के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देना भी प्रारंभ कर दिया है। ये सेवानिवृत प्रोफेसर हैं एचबी पालन। पालन का कहना है कि अभी तक स्कूल से पढ़े करीब सौ बच्चों का नवोदय विद्यालय में सिलेक्शन हुआ है और कई बच्चे प्राशासनिक पद तक भी पहुंच गए हैं।

पचपेढ़ी के शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में कैमेस्ट्री विषय से बच्चों को शिक्षा देने वाले प्रो. पालन ने सेवानिवृत होने के बाद बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का ठान लिया और इन्होंने अपने बेटे जयेश पालन के साथ मिलकर कुसली गांव में चार कमरों का एक स्कूल बनवाया और उसे एक समिति बनाकर दान दे दिया है। स्कूल में बतौर फीस आने वाली राशि से स्कूल का रखरखाव और टीचिंग स्टॉफ चल रहा है। स्कूल के प्राचार्य अशोक सेन के मुताबिक 14 लोगों का स्टाफ है, जिससे 300 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। 1990 से चल रहे स्कूल की हालत 2012 के बाद सुधरी है। स्कूल में भूतपूर्व छात्रों सहित गांव के वयोवृद्ध लोगों का सम्मान किया गया। स्कूल के गोद लिए जाने के बाद व्यवस्थित रखरखाव हो सका है।

पौधरोपण और बच्चों को आगे बढ़ाने पर फोकस

स्कूल परिसर सहित अन्य जगहों पर पौधरोपण किया जा रहा है। इसके साथ बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें नैतिक शिक्षा, संगीत और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसमें संगीत के लिए संध्या पांडे सहयोग कर रही हैं।

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