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अब घर बन रहे फ्यूल स्टेशन

ई-स्कूटर का चलन ज्यादा, लोगों को पसंद आ रही राइड

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e scooters

जबलपुर . पेट्रोल की बढ़ती कीमत और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब लोगों के बीच इलेक्टि्रक वीकल (ईवी) तेजी से प्रचलित हो रहा है। शहर की सड़कों पर अब यह ज्यादा संख्या में नजर आने लगे हैं। ई-रिक्शा तो पहले से सार्वजनिक परिवहन का बड़ा साधन बन गए हैं, अब व्यक्तिगत वाहन के रूप में भी इनका चलन तेज हुआ है। इस समय 45 सौ ई स्कूटर सड़कों पर हैं।

15 से अधिक एजेंसियां

इन वाहनों में इतनी वेरायटी आ गई है कि अब लोग नई बाइक या स्कूटर खरीदने से पहले ई-वीकल की एजेंसी में जाकर खूबियाें से लेकर उसकी कीमत का पता लगाते हैं। ज्यादातर इसे ही खरीद रहे हैं। शहर में इस समय इस तरह के व्यक्तिगत वाहनों की विक्रय करने वाली 15 से अधिक एजेंसियां खुल गई हैं। कई बड़ी मोपेड बनाने वाली कंपनियां भी अपने उत्पाद लेकर आई हैं। इनकी कीमत 40 हजार से लेकर एक लाख 50 हजार रुपए तक है। बैटरी चलित यह वाहन उनका खर्च बचा रहे हैं।

इनके लिए ज्यादा आसान

ई स्कूटर, फ्यूल से चलने वाले वाहनों से हल्का होता है। उसका रखरखाव भी कम रहता है। घर में ही बैटरी को कुछ घंटों में यह चार्ज हो जाती है। यह महिला, कम उम्र के बच्चे एवं बुजुर्गों के लिए ज्यादा आसान रहती है। यह किसी प्रकार का धुआं नहीं छोड़ती इसलिए चालक के साथ रास्ते में चलने वाले लोगों को भी नुकसान नहीं होता। अलग-अलग बैटरी का उपयोग इन बाइक्स में अलग-अलग प्रकार की बैटरी लगती हैं। प्रमुख रूप से एलईडी और लीथियम का उपयोग किया जाता है। इनकी चार्जिंग की अलग-अलग टाइमिंग रहती है। आमतौर पर पूरी बैटरी को चार्ज करने के लिए 4 से 6 घंटे का समय लगता है। प्रति चार्ज पर 50 से 100 किमी तक वाहन को चलाया जा सकता है।

हर कोई चाहता है होनी चाहिए बचत

ई-वीकल विक्रेता राहुल एवं रोहित साहू ने बताया कि वह शहर में लंबे समय से इसकी बिक्री कर रहे हैं। पहले इतना रुझान नहीं था। जैसे ही पेट्रोल के दाम बढे़, वैसे ही मांग तेज जो गई है। आज कई तरह की तकनीक से युक्त स्कूटर बाजार में आ गए हैं। कार की तरह मोबाइल के ब्लूटूथ से यह कनेक्ट होती है। सेंट्रल लॉक के अलावा रिवर्स सिस्टम तक आ रहा है। ग्राहक संदीप विनोदिया ने बताया कि वह निजी फर्म में काम करते हैं। पहले पेट्रोल बाइक थी लेकिन ई स्कूटर लेने से उन्हें काफी बचत हो रही है। यह पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर है।