बुरे दौर से गुजर रहे यहां के इंजीनियरिंग कॉलेज

जबलपुर शहर के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों की 27 हजार सीटें अब भी खाली, अब अतिरिक्त सीएलसी राउंड से उम्मीद

By: shyam bihari

Published: 03 Dec 2020, 08:08 PM IST

 

जबलपुर। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जबलपुर में संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हालत यह है कि प्रदेशभर में करीब 27 हजार सीटें अभी तक खाली हैं। जिले के इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी तीन हजार सीटें अब तक नहीं भर सकी हैं। रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग अतिरिक्त सीएलसी राउंड शुरू कर रहा है। जिले के इंजीनियरिंग कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की करीब छट हजार सीटें हैं। इनमें 50 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हुआ है। कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, आइटी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्रांच की सीटें फुल हो गई हैं। जबकि, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग आदि ब्रांच में करीब 75 फीसदी सीटें खाली हैं।
पांच तक चलेगा तीसरा राउंड
इंजीनियरिंग कॉलेजों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए अतिरिक्त सीएलसी राउंड चलाया जा रहा है। तीसरा राउंड पांच दिसंबर तक चलेगा। तीसरे चरण के लिए बीई में 8846 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। बीई के दोनों सीएलसी राउंड में नाम वापसी के बाद 7049 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इन्हें मिलाकर अब तक कुल 56,112 सीटों में से 29,074 सीटों पर प्रवेश हुआ है।
कई कॉलेजों में नहीं खुला खाता
जानकारों के अनुसार प्रदेश में करीब दो दर्जन कॉलेजों में एक भी एडमिशन नहीं हो सका है। कॉलेजों को डीटीई की ओर से दिया गया एलॉटमेंट का इंटेक भी 50 फीसदी भी नहीं भर सका है। जीजीआइटीएस के डायरेक्टर डॉ. पंकज गोयल छात्रों ने फैकल्टी और शिक्षण व्यवस्था को ज्यादा तरजीह दिया है। कई कॉलेजों की स्थिति बेहद खराब है। कम संख्या में प्रवेश होने की एक वजह कोराना संक्रमण भी है। प्रवेश बढ़ाने के लिए एक्स्ट्रा राउंड शुरू किया गया है। पहले 28 नवंबर तक प्रवेश प्रक्रिया होनी थी, अब पांच दिसंबर तक चलेगी।

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shyam bihari Desk
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