
नकली घी की फैक्ट्री का भंडाफोड़
जबलपुर. किराना दुकानदारों से सस्ते में घी खरीदने या होटल और रेस्टोरेंट में असली घी की बनी सामग्री का दावा आपको बीमार भी कर सकता है। विजय नगर व माढ़ोताल क्षेत्र में सोमवार को नकली घी की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। जिसकी खुशबू और स्वाद को लोग असली घी समझ कर बड़े चाव से खरीदते थे, वह 60 रुपए के खर्च में केमिकल और एसेंस डालकर तैयार किया जाता था। इस घी को बेचने वाले दुकानदार भी फायदे में रहते थे। थोक में उन्हें एक किलो घी 250 रुपए में मिलता था। वे ग्राहक से 150 रुपए का मुनाफा कमाते थे।
संतोष गुप्ता से घी बनवा कर टीम ने देखा
क्राइम ब्रांच और खाद्य एवं औषधि विभाग की पूछताछ में आरोपी संतोष गुप्ता ने घी बनाकर दिखाया कि कैसे वह सोयाबीन ऑयल को एक निश्चित तापमान पर गरम करता था। इसमें थोड़ा वनस्पति घी और केमिकल के साथ एसेंस मिला देता था। कुछ ही देर में सोया ऑयल घी में परिवर्तित हो जाता था। फिर इसे 15 लीटर के टीन में सील पैक कर दिया जाता था। संतोष गुप्ता रोज 15 से 20 टीन नकली घी तैयार कर बाजार में सप्लाई करता था।
नकली घी बेचने वाले दुकानदारों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
टीम ने उन दुकानदारों की भी जानकारी ली है, जहां से ये घी ग्राहकों को बेचा जा रहा था। विजय नगर मथुरा बिहार कॉलेानी में मकान बना कर रह रहा संतोष गुप्ता 10 वर्षों से नकली घी बना रहा था। उसका भाई स्टार सिटी करमेता में किराए से रह रहा अरविंद गुप्ता पिछले चार वर्षों से नकली घी बना रहा था। दोनों भाई अहमदाबाद से थोक में 50 रुपए किलो की दर से सोयाबीन ऑयल मंगाते थे।
रिश्तेदारों को भी फैक्ट्री के अंदर जाने की नहीं थी अनुमति
संतोष गुप्ता व उसका भाई अरविंद गुप्ता के घर में सालों से संचालित इस नकली फैक्ट्री की भनक पड़ोसियों व रिश्तेदारों तक को नहीं थी। फैक्ट्री के अंदर किसी को जाने की अनुमति नहीं थी। लोग यही जानते थे कि अहमदाबाद से उसके यहां घी आता है। घी बनाने का काम भी पत्नी व बच्चों संग मिलकर करता था। टीन पर रैपर वो खुद लगाता था।
शहडोल के रहने वाले हैं दोनों भाई
संतोष गुप्ता व अरविंद मूलत: शहडोल के रहने वाले हैं। 15 वर्ष पहले दोनों जबलपुर आए। पहले साथ-साथ रहते थे। फिर अरविंद की शादी हो गयी तो वह किराए से करमेता स्टार सिटी में रहने लगा। इसके पहले भी शहर की सरस्वति कालोनी, आईटीआई करमेता में भी पुलिस ने दबिश देकर नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी, जिसे खाद्य विभाग के हवाले कर दिया गया था। छापा मारने वाली क्राइम ब्रांच टीम में प्रमोद पांडे, धन्नजय सिंह, विजय, गोपाल, राम मिलन, राम सहाय, महेंद्र, बीरबल सहित अन्य शामिल थे।
Published on:
23 Jul 2019 05:33 pm

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