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फादर्स डे विशेष : रीयल पैडमैन बोले-बेटियों का पिता हूं, उनकी तकलीफ समझता हूं…

Father's Day Special: दो बेटियों के पिता मुश्किल दिनों की परेशानी समझ आज हजारों बेटियों के लिए रीयल पैडमैन बन गए। जबलपुर के राकेश महाजन ने 2020 में सेनेटरी पैड और नैपकिन खरीदकर संस्थाओं तक पहुंचाने का काम शुरू किया। फादर्स डे विशेष...।

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Fathers Day Special

Fathers Day Special (फोटो सोर्स : पत्रिका)

Father's Day Special: दो बेटियों के पिता मुश्किल दिनों की परेशानी समझ आज हजारों बेटियों के लिए रीयल पैडमैन बन गए। जबलपुर के राकेश महाजन ने 2020 में सेनेटरी पैड और नैपकिन खरीदकर संस्थाओं तक पहुंचाने का काम शुरू किया। पहले संस्था प्रधान या परिचित शिक्षिकाओं तक पहुंचाते। कई बार संकोच की दीवार खड़ी हो जाती। अटपटा लगने पर सेनेटरी वेंडिंग मशीन की जानकारी लेकर सामाजिक संगठनों से संपर्क किया। उनके विचार से लोग सहमत हुए और छोटा सा प्रयास आज बड़ा आकार ले चुका है। अब वे जबलपुर शहर की 35 शैक्षणिक संस्थाओं में हर माह 5500 सेनेटरी पेंड दान करते हैं। पेंड खत्म होने की सूचना पर वे खुद जाकर पैड फिलिंग का काम करते हैं।

बेटियां परेशान न हों...

यह भावनात्मक मुद्दा है, इसलिए पहल

पैडमैन मूवी से प्रेरित होने के बारे में महाजन कहते हैं कि भावनात्मक मुद्दा तो वैसा ही है। भले ही मशीनें समाजसेवी संगठनों के माध्यम से लगवाईं, लेकिन सैनेटरी पैड्स देने की जिम्मेदारी अकेले उन्होंने ही उठा रखी है। वे हर महीने साढ़े पांच हजार सैनेटरी पैड्स उपलब्ध कराते हैं।

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