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सोकर उठते ही बिस्तर की सिलवटें दूर करेंगे तो प्रसन्न हो जाएंगे शनि देव

नौ आदतों को सुधारने मात्र से नवग्रहों की खराबी होगी दूर, रुकावटें होगी खत्म, तरक्की, यश, धन प्राप्त होगा

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Prem Shankar Tiwari

Jan 04, 2017

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जबलपुर। प्राय: लोग सोकर उठते हैं तो बिस्तर को यूं ही अस्त-व्यस्त छोड़ देते हैं। हमें यह सामान्य सी आदत लगती है पर इससे शनि और राहु देव नाराज होते हैं। कोई कहीं भी थूक देता है तो कोई प्राय: अपने जूते-चप्पल यूं ही अस्त-व्यस्त रख देते हैं। इन बुरी आदतों को छोड़कर ही हम नवग्रहों को प्रसन्न कर सकते हैं। ज्योतिषी पंडित दीपक दीक्षित के अनुसार नवग्रहो का सम्मान करते हुए हम केवल ऐसी नौ आदतों को सुधार भर ले तो जीवन में तरक्की, यश, धन प्राप्त होगा। ऐसा नहीं करने पर नवग्रह खराब होने का खतरा सदैव मंडराता रहेगा। छोटी दिखने वाली बुरी आदतों के कारण नवग्रह कुपित रहेंगे तो कभी कुछ गड़बड़ी होगी तो कभी कुछ। करने योग्य काम पड़े रह जायेंगे और समय व पैसा कहां चला जाएगा यह पता ही नहीं चलेगा।



इन आदतों में करें सुधार
1. अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं। वाश बेसिन में ही यह काम कर आया करें। यश,मान-सम्मान में अभिवृध्दि होगी।
2. जिन लोगों को अपनी जूठी थाली या बर्तंन उसी जगह पर छोडऩे की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थायी रूप से नहीं मिलती। इसके लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ती है और ऐसे लोगों को कभी यश भी प्राप्त नहीं होता। अगर आप अपने जूठे बर्तनों को उठाकर उनकी सही जगह पर रख आते हैं तो ऐसा कर चन्द्रमा और शनि का आप सम्मान करते हैं। इससे मानसिक शांति भी बढ़ती है और अड़चनें दूर होती हैं।
3. जब भी हमारे घर पर कोई भी बाहर से आये, चाहे मेहमान हो या कोई काम करने वाला, उसे स्वच्छ पानी ज़रुर पिलाएं। ऐसा करने से हम राहु का सम्मान करते हैं।
जो लोग बाहर से आने वाले लोगों को हमेशा स्वच्छ पानी पिलाते हैं उनके घर में कभी भी राहु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। अचानक आ पडऩे वाले कष्ट-संकट नहीं आते।
4. घर के पौधे आपके अपने परिवार के सदस्यों जैसे ही होते हैं, उन्हें भी प्यार और थोड़ी देखभाल की जरुरत होती है। घर में सुबह-शाम पौधों को पानी दिया जाता है तो हम बुध, सूर्य और चन्द्रमा का सम्मान करते हुए परेशानियों का डटकर सामना कर पाने का सामथ्र्य पाते हैँ। परेशानियां दूर होकर सुकून आता है। जो लोग नियमित रूप से पौधों को पानी देते हैं, उन लोगों को डिप्रेशन, चिड़चिड़ाहट जैसी परेशानियाँ नहीं पकड़ पातीं।
5. जो लोग बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते, मोज़े इधर-उधर फैंक देते हैं, उन्हें उनके शत्रु बड़ा परेशान करते हैं। इससे बचने के लिए अपने चप्पल-जूते करीने से लगाकर रखें, आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी।
6. जब भी अपना बिस्तर छोडऩे पर जिनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा, सिलवटें ज्यादा होंगी, चादर कहीं, तकिया कहीं, कम्बल कहीं पड़ा होगा तो उन लोगों का राहु और शनि खराब होगा। ऐसे लोग उस पर अपने पुराने पहने हुए कपड़े तक फैला कर रखते हैं। ऐसे लोगों की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित नहीं रहती, जिसकी वजह से वे खुद भी परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं। इससे बचने के लिए उठते ही स्वयं अपना बिस्तर समेट दें। जीवन आश्चर्यजनक रूप से सुंदर होता चला जायेगा।
7. पैरों की सफाई पर हम लोगों को हर वक्त ख़ास ध्यान देना चाहिए, ज्यादातर लोग यह भूल जाते हैं। नहाते समय अपने पैरों को अच्छी तरह से धोयें, कभी भी बाहर से आयें तो पांच मिनट रुक कर मुँह और पैर धोयें। आप खुद यह पाएंगे कि आपका चिड़चिड़ापन कम होगा, दिमाग की शक्ति बढ़ेगी और क्रोध धीरे-धीरे कम होने लगेगा। आनंद बढ़ेगा।
8. रोज़ खाली हाथ घर लौटने पर धीरे-धीरे उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और उस घर के सदस्यों में नकारात्मक या निराशा के भाव आने लगते हैं। इसके विपरीत घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आएं तो उससे घर में बरकत बनी रहती है। उस घर में लक्ष्मी का वास होता जाता है। हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है। ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है।
9. जूठन बिल्कुल न छोड़ें । ठान लें। एकदम तय कर लें। पैसों की कभी कमी नहीं होगी।