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परियट बवाल मामले में अब तक चार गिरफ्तार, पुलिस बल तैनात

-तनाव को देखते हुए 15 का बल तैनात, सीएसपी व टीआई ने चलाया सर्चिंग अभियान

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Attack on Police Team

case of pariyat bavaal

जबलपुर। मवेशी शुल्क की आड़ में होने वाली बेजा वसूली के विरोध पर मारपीट, तोडफ़ोड़ की एफआईआर के बाद परियट में हुए बवाल को लेकर लगातार दूसरे दिन भी पुलिस बल तैनात रहा। तनाव को देखते हुए परियट व कंदराखेड़ा में 15 का बल तैनात किया गया है। शुक्रवार को सीएसपी अधारताल अशोक तिवारी और टीआई पनागर ने सर्चिंग अभियान चलाया। प्रकरण में दो और आरोपी गिरफ्तार किए गए। अब तक दर्ज तीन एफआईआर में चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस के अनुसार गुरुवार की सुबह मदार टेकरी निवासी रिजवान की शिकायत पर दर्ज धारा 147, 384, 294, 427, 506 के मामले में पुलिस ने ग्राम पंचायत शुल्क वसूली करने वाले ठेकेदार बिरजू पटैल और अनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया था। वहीं शाम को हुए लूटपाट, तोडफ़ोड़ व डकैती के प्रकरण में नामजद आरोपियों में शामिल लक्ष्मण अहिरवार, राजू पटेल को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से चारों को जेल भेज दिया गया।
पुरुषों का पलायन, महिलाएं हैं घर में-
परियट और कंदराखेड़ा में बवाल के बाद अधिकतर घरों में सिर्फ महिलाएं व बच्चे ही रह गए हैं। विवाद में शामिल रहे अधिकतर पुरुष गायब है। पुलिस का सबसे अधिक जोर शातिर बदमाश कृष्णा यादव की गिरफ्तारी पर है। कृष्णा यादव की तलाश में ही टीम ने सर्चिंग अभियान चलाया, लेकिन पता नहीं चला। उसे स्थानीय लोगों का भी सपोर्ट मिल रहा है। कोई भी उसके बारे में खुल कर नहीं बोल रहा। कृष्णा के खिलाफ एनएसए का प्रकरण जिला दंडाधिकारी के यहां लम्बित है।
मवेशी पर्ची की आड़ में अवैध वसूली है विवाद की जड़-
इस पूरे विवाद की जड़ में कार्यालय ग्राम पंचायत कंदराखेड़ा में जनपद पंचायत पनागर की ओर से होने वाली लोडिंग-अनलोडिंग व्यवसायिक कर की वसूली है। पंचायत की ओर से इसका ठेका दिया जाता है। ठेका शर्तों के अनुसार यहां दर तय है, लेकिन कृष्णा यादव सहित ठेकेदार और अन्य स्थानीय लोग मिलकर इसकी आड़ में बेजा वसूली करते हैं। इसकी शिकायतें होने के बावजूद जिला पंचायत सीईओ या प्रशासन की ओर से कभी जांच नहीं कराई गई।
ये दर है निर्धारित-
बैलगाड़ी-ऑटो-30 रुपए
ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप, मिनी ट्रक-50 रुपए
ट्रक-डम्पर-60 रुपए
मैजिक-टैक्सी-40 रुपए
पशु पंजीयन शुल्क-
भैंस-पड़ा-150 रुपए
गाय-बैल-50 रुपए
छोटे बछड़े-50 रुपए
वर्जन-
अवैध वसूली को लेकर हुए विवाद मामले में दर्ज तीनों एफआइआर के आरोपियों की तलाश की जा रही है। अब तक चार लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। तनाव को देखते हुए 15 का बल तैनात किया गया है।
सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी