जबलपुर। कथक के तोड़े, दादरे और ठुमरी के साथ तबले की संगत बेमिसाल रही। तबले पर कलाकारों ने लयप्रधान रचना दर्जे और सुरंग की ऐसी प्रस्तुति दी मानों सुरंग से रेलगाड़ी गुजर रही हो। नृत्यमाला में अलबेला रायगढ़ की अनुपम प्रस्तुति भावभिनय एवं ताललय के साथ इसी तरह की प्रस्तुति ग्वालियर से आए मानव महंत समूह द्वारा कल्चरल स्ट्रीट में आयोजित घुंघरू महोत्सव में दी गई। महोत्सव में शनिवार को ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर के कलाकारों ने समां बांधा। इस मौके पर जयंत माधव भिसे और उदय परांजपे मौजूद थे।