मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्दी होने जा रहा ये बड़ा काम
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कर्मचारियों के लिए जल्द नए आवास तैयार किए जाएंगे। अभी इनकी हालत जर्जर हो चुकी है। खपरैल वाले यह आवास रहने के लायक नहीं हैं। पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत नए आवास बनेंगे। कॉलोनी का स्वरूप भी बदलेगा
मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन आवासों को निर्माण कराएगा। इसका खाका तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिला प्रशासन को इससे अवगत कराते हुए राज्य शासन को पूरी योजना भेजी जा रही है। वहां से इसकी स्वीकृति मिलने पर नए आवासों का निर्माण कराया जाएगा। यहां वे सभी सुविधाएं होंगी, जो व्यविस्थत कॉलोनी में होती हैं।
वर्तमान में कॉलेज के पास 300 से अधिक कर्मचारी आवास हैं। इनमें सर्वेंट क्वार्टर की स्थिति दयनीय हो चुकी है। खपरैल वाली छत से बारिश में पानी टपकता है। आवासों के सामने वाली सड़कें जर्जर हैं। बारिश के दिनों में उनमें आधा फीट पानी भरा रहता है। ऐसे में 24 घंटे ड्यूटी के लिए आने जाने वाले कर्मचारियों को बहुत कष्ट उठाना पड़ता है। रात में हालात और खराब हो जाते हैं। इन आवासों को तोड़कर नए भवन तैयार कराए जाएंगे।
व्यविस्थत होगी कॉलोनी
मेडिकल कॉलेज की आवासीय कॉलोनी अभी बिखरी नजर आती है। कॉलेज से पहले पड़ने वाले संकरे रास्ते से कॉलोनी की तरफ रास्ता जाता है। यह रास्ता संकरा है। कुछ दूरी तक पक्की सड़क बनी हैं। लेकिन जैसे ही आवासों के पास पहुंचते हैं तो यह मकान पूरी तरह जर्जर नजर आते हैं। इनमें कर्मचारी और उनका परिवार रहता है।
राशि का होगा इंतजाम
क्वार्टर के लिए राशि की कमी होने के कारण री-डेंसिफिकेशन योजना का सहारा लिया जा जा रहा है। इसमें मेडिकल कॉलेज कुछ जमीन सेटलमेंट कर प्राप्त होने वाली राशि से 250 से अधिक नए आवासों का निर्माण कराएगा। हालांकि अभी इसके लिए प्रबंधन को शासन से मंजूरी मिलना बाकी है। इसके तहत चौड़ी और पक्की सड़कें बनाई जाएंगी। बच्चों के खेलने के लिए पार्क, उनके वाहनों के लिए भवन और बिजली-पानी का उचित इंतजाम किया जाएगा।
यह है स्थिति
मेडिकल कॉलेज कॉलोनी में 300 से अधिक आवास।
150 से ज्यादा सर्वेंट क्वार्टर, उनकी हालत जर्जर।
पुनर्घनत्वीकरण योजना से बनेंगे नए आवास।
250 मकानों को तैयार करने की बनाई जा रही है योजना।
कर्मचारियों की सुविधाओं का ध्यान रखना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके आवास सुव्यविस्थत होने चाहिए। उनमें वे व्यवस्थाएं जरूरी हैं जो कि एक कॉलोनी में होती हैं। रीडेंसिफिकेशन स्कीम के तहत नए आवास बनवाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए शासन से मंजूरी ली जा रही है।
डॉ. गीता गुईन, डीन, नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल