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शासकीय भूमि पर बसे लोगों को मिलेगा 30 साल का पट्टा, योजना तैयार, आए 3 हजार से ज्यादा आवेदन

धारणाधिकार योजना : नगरीय क्षेत्रों के लिए शुरू हुई प्रक्रिया

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जबलपुर । प्रदेश शासन की ओर से धारणाधिकार योजना के तहत नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर बसे लोगों को 30 साल के लिए स्थायी पट्टा दिया जाएगा। योजना के तहत जिले में अब तक 3 हजार ऑनलाइन आवेदन आए हैं। प्रशासन ने सभी तहसीलदारों को प्रकरण बनाने के लिए लक्ष्य भी दिए हैं। उन्हें शहरी इलाकों में 500-500 प्रकरण तैयार कर उनकी सुनवाई करना है। इस प्रक्रिया में निर्विवाद भूमि पर बसे लोगों को भूमि स्वामी अधिकार पत्र दिया जाएगा।
योजना के तहत नगरीय क्षेत्र में स्थित शासकीय भूमि पर 31 दिसंबर 2014 या उसके पूर्व निर्विवाद रूप से अधिपत्य में रहे और वर्तमान में अधिपत्य में रह रहे पात्र व्यक्तियों को 30 साल के लिए स्थाई पट्टे प्रदान किए जाएंगे। इस आधार पर जहां शासन को राजस्व मिलेगा। इसका निर्धारण भूखंडों के आकार और क्षेत्र के आधार पर किया गया है। मालिकाना अधिकार पत्र मिलने से हितग्राहियों को आवास बनाने में आसानी होगी। बैंक से आवास निर्माण के लिए ऋण मिलने में भी परेशानी नहीं होगी।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन
पट्टा प्राप्त करने के लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पूरी कार्यवाही के लिए कलेक्टर सक्षम प्राधिकारी होंगे। वे ही पट्टा जारी करेंगे। सक्षम अधिकारी प्रकरण के अनुसार दावे और आपत्तियां आमंत्रित करने की उदघोषणा का प्रकाशन अलग-अलग कार्यालयों में कराएगा। उनका निराकरण करने के बाद आगामी कार्यवाही हो सकेगी। जहां विवाद है, उसकी जांच भी प्रशासन की ओर से गठित समिति करेगी।

इन जगहों का नहीं मिलेगा पट्टा
नदी या नाला या जल संग्रहण क्षेत्र के रूप में अभिलिखित हो, संहिता की धारा 233-क के अधीन आरक्षित, किसी धार्मिक संस्था या माफी औफाक से संबंधित भूमि, नगरीय क्षेत्रों में पार्क, खेल के मैदान, सडक़, गली या अन्य किसी सामुदायिक उपयोग की, राजस्व वन भूमि यानि छोटे-बड़े पेड़ों का जंगल, न्यायालय में विचाराधीन भूमि, नगरीय निकाय में किसी विकास योजना से संबंधित, शासकीय परियोजना या सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आरक्षित भूखंड आदि।