
green energy, clean energy
जबलपुर. प्रदूषण मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब ऊर्जा का सही उपयोग हो। प्रदूषण मुक्त ऊर्जा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विशेष कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी जरूरी है, जिससे प्रकृति का संतुलन कायम रखा जा सकता है। ये विचार इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स लोकल सेंटर जबलपुर के तत्वावधान में ग्रीन एनर्जी, क्लीन एनर्जी विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए ग्रीन एनर्जी सबसे उचित विकल्प है मप्र प्रदेश में इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए है। उन्होंने कहा कि देश में परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के कारण पर्यावरण को पहुंच रही क्षति को रोकना आवश्यक है। ऐसे में स्वयं की जिम्मेदारी जरूरी है।
चेयरमैन इंजी. प्रकाश चंद दुबे़, कन्वीनर डॉ. विवेक चंद्रा, अध्यक्षता आइआइआइ के अध्यक्ष डॉ. हेमंत ठाकरे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में ट्रिपलआइटीडीएम डायरेक्टर डॉ. प्रवीण कोंडेकर, वेस्ट सेंट्रल रेलवे जबलपुर के प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजी. डॉ. राकेश कुमार गुप्ता आइआरएस उपस्थित थे। संचालन अंजनी पांडे तथा आभार प्रदर्शन लोकल सेंटर जबलपुर के सचिव इंजी. संजय मेहता ने किया। डॉ. प्रवीण कोंडेकर, प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर पमरे जबलपुर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने ईआरएस द्वारा एमएस ठाकर मेमोरियल लैक्चर प्रस्तुत किया गया।
दूसरे दिन होंगे 15 व्याख्यान
दो सत्रों में चलने वाले सेमिनार के पहले दिन इंजी. अनुराग मिश्रा, डॉ. एस धर्मालिंगम, डॉ. केएस गांधी, इंजी. केके मूर्ति, डॉ. राजेश कुमार अरोरा ने ग्रीन एनर्जी पर व्याख्यान दिया। शिखा त्रिपाठी ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में क्लीन एनर्जी ने संबंधित सरकार की नीतियों के बारे में बताया। दूसरे दिन 15 विशेषज्ञों द्वारा ग्रीन एनर्जी क्लीन एनर्जी विषय पर व्याख्यान दिए जाएंगे।
Published on:
13 Nov 2022 12:22 pm
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