
lord vishnu
जबलपुर. पुत्र के दीर्घायु होने और उनकी रक्षा के लिए माताएं आज हरछठ व्रत रखेंगी। वे कांस के पौधे का पूजन कर सप्त धान्य के साथ बांस का पात्र अर्पित करेंगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूजन मध्यान्ह काल में या गौधूली बेला में की जाती है। ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला के अनुसार भादों मास कृष्ण पक्ष की छठ तिथि को यह व्रत रखा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की मां देवकी ने लोमस ऋषि के कहने पर यह व्रत रखा था। इसके पुण्य से ही श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। व्रतधारी महिलाएं सुबह उठकर महुए की दातुन करती हैं। पेड़ों के फल बिना बोए अनाज, भैंस का दूध व दही का सेवन किया जाता है। निर्जला व्रत रखने के उपरांत शाम को पसाई धान के चावल व उबले महुए का सेवन कर परायण किया जाता है।
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हरछठ पूजन: महिलाएं रखेंगी व्रत
गौधुली बेला में कांस के पौधे की पूजा
माताएं मांगेंगी पुत्र की दीर्घ आयु
हलषष्ठी व्रत की कथा
भाद्र मास के कृष्ण पक्ष षष्ठी को भगवान कृष्ण जी के बड़े भाई बलराम जी का जन्म हुआ था। यह व्रत बलराम जी के जन्म के उपलक्ष्य में भी मनाया जाता है। बलराम जी का मुख्य शस्त्र हल है इसलिये इस व्रत को हलषष्ठी कहते हैं। इस व्रत में हल से जुते हुए अनाज व सब्जियों का सेवन नहीं किया जाता है। इसलिए महिलाएं इस दिन तालाब में उगे पसही/तिन्नी का चावल/पचहर के चावल खाकर व्रत रखती हैं। इस व्रत में गाय का दूध व दही इस्तेमाल में नहीं लाया जाता है इस दिन महिलाएं भैंस का दूध ,घी व दही इस्तेमाल करती है।
भाद्र कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल षष्ठी या हर छठ व्रत और पूजन किया जाता है। यह व्रत वही स्त्रियाँ करती हैं जिनको पुत्र होता है। जिनको केवल पुत्री होती है, वह यह व्रत नहीं करती। यह व्रत पुत्र के दीर्घायु के लिये किया जाता है। इस व्रत में हल के द्वारा जोता-बोया अन्न या कोई फल नहीं खाया जाता। क्योंकि इस तिथि को ही हलधर बलराम जी का जन्म हुआ था और बलराम जी का शस्त्र हल है। इस व्रत में गाय का दूध, दही या घी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इस व्रत में केवल भैंस के दूध, दही का उपयोग किया जाता है। इस व्रत में महुआ के दातुन से दाँत साफ किया जाता है। शाम के समय पूजा के लिये मालिन हरछ्ट बनाकर लाती है। हरछठ में झरबेरी, कास (कुश) और पलास तीनों की एक-एक डालियाँ एक साथ बँधी होती है। जमीन को लीपकर वहाँ पर चौक बनाया जाता है। उसके बाद हरछ्ठ को वहीं पर लगा देते हैं । सबसे पहले कच्चे जनेउ का सूत हरछठ को पहनाते हैं।
Published on:
01 Sept 2018 09:02 am
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