21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बारिश: बीती रात जोरदार बारिश, ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुली

बारिश: बीती रात जोरदार बारिश, ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुली

2 min read
Google source verification
weather-update-heavy-thunderstorm-and-heavy-rain-alert-in-up-until-14.jpg

heavy rainfall alert, poor electricity maintenance

जबलपुर। सोमवार देर रात हुई बारिश से सूपाताल मार्ग, कृषि उपज मंडी, नवनिवेश कॉलोनी, चंदन कॉलोनी समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। एक घंटे की बारिश ने मानसून सीजन को लेकर की जा रही नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। वर्षा जल निकासी के लिए शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निगम सवा तीन सौ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुका है। इसके बावजूद शहरवासियों को जलभराव से मुक्ति नहीं मिल रही है। तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो ड्रेनेज सिस्टम की खामियां दुरुस्त नहीं की गईं तो बरसात में बाढ़ व जलभराव की स्थिति बनेगी।

मदनमहल इलाके का पानी अंडर ब्रिज के समीप से होकर लिंक रोड के किनारे के नाले में बहता है। यहां व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति बनती है। ये पानी आगे जाकर गुलौआ के आसपास के इलाके में भर जाता है। गुप्तेश्वर, शक्ति नगर, गंगा सागर इलाके का पानी आगे जाकर गुलौआ इलाके में भर जाता है। इसके कारण सुदामा नगर, शिव नगर, न्यू राम नगर इलाके में जलभराव हो जाता है और हर साल बाढ़ की स्थिति बनती है।
पुल-पुलिया का भी चौड़ीकरण नहीं हुआ- स्ट्राम वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत जिन नाले-नालियों को पक्का किया गया था, उनके मार्ग के पुल-पुलिया का भी चौड़ीकरण किया जाना चाहिए, लेकिन आमनपुर, गुलौआ रेलवे क्रॉसिंग के समीप, भानतलैया, ओमती नाला, मोती नाला के कई और पुल-पुलिया का चौड़ीकरण नहीं किया गया। बरसात में हर साल गंगा सागर, देवताल, सूरजताल से पानी ओवरफ्लो होने के कारण नगर के कई इलाकों में जलभराव हो जाता है।

यह है स्थिति
326.49 करोड़ रुपए स्ट्राम ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर किए खर्च
128 बड़े नाले किए गए थे पक्के
05 मुख्य बड़े नालों को भी किया गया था पक्का
225.86 किलोमीटर नालों की कुल लम्बाई
88.06 किलोमीटर आरसीसी पाइप ड्रेन बनाई
73.80 किलोमीटर आरसीसी रेक्टेंग्यूलर कवर ड्रेन
64 किलोमीटर स्टोन मेशनरी ड्रेन


शहर के सभी नाला-नालियों की सफाई करने निर्देशित किया है। बड़े-छोटे नाले-नालियों की सफाई शुरू हो गई है। जिन इलाकों में जलभराव होता है वहां तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखकर ड्रेनेज सिस्टम में सुधार कराया जाएगा।
- संदीप जीआर, आयुक्त, नगर निगम

गुलौआ, सुदामा नगर, शिव नगर समेत जिन इलाकों में सबसे ज्यादा जलभराव होता है। वहां अभी भी ड्रेनेज सिस्टम में सुधार नहीं किया गया। बरसात के पहले इन कमियों को दूर नहीं किया गया तो जलभराव की स्थिति बनेगी।
- इंजी. संजय वर्मा, स्ट्रक्चर इंजीनियर, टाउन प्लानर