21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राज्यसभा चुनाव का रास्ता साफ, हाई कोर्ट ने कहा- नहीं कर सकते हस्तक्षेप

हाइकोर्ट ने जनहित याचिका की खारिज, हो गया नोटिफिकेशन, प्रक्रिया आरम्भ करने के बाद नहीं कर सकते हस्तक्षेप

less than 1 minute read
Google source verification
Whose legislature was lost, how did he become a minister?

Whose legislature was lost, how did he become a minister?

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में राज्यसभा की सीटों के लिए होने वाले चुनाव के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा कि नोटिफिकेशन होने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया का आगाज हो गया है। एक बार चुनाव प्रक्रिया आरंभ होने के बाद उसमें कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकती है।
यह है मामला
इंदौर के सामाजिक कार्यकर्ता अमन शर्मा की ओर से याचिका दायर कर कहा गया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश विधानसभा में निर्धारित संख्या में विधायक नहीं हैं।
विधानसभा में कांग्रेस के 21 विधायकों के इस्तीफे के बाद विधायकों की संख्या कम हो गई। इसके चलते राज्यसभा चुनाव में ये विधायक मत नहीं दे पाएंगे। सभी विधायकों के वोट न दे पाने के कारण होने वाले राज्यसभा चुनाव के परिणाम निष्पक्ष व पारदर्शी नहीं होंगे।
चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने तर्क दिया कि
राज्यसभा चुनाव कराने के लिए संविधान में विधायकों के रिक्त पदों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्यसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है। नोटिफिकेशन के साथ ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश हैं कि एक बार चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद उसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने तर्क से सहमत होकर याचिका खारिज कर दी।