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जबलपुर। धनवंतरी नगर एमआईजी 1/85 में रहने वाले मेडिकल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनोद कुमार विश्वकर्मा की पत्नी डॉ. ममता विश्वकर्मा विक्टोरिया अस्पताल में पदस्थ हैं। वे जेल के अस्पताल में भी ड्यूटी करने जाती हैं। रोजाना की तरह डॉ. ममता ड्यूटी पर चली गई थीं। घर में डॉ. विनोद समेत 13 और 11 वर्षीय बच्चे थे। दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे तक डॉ. विनोद ने अपने बच्चों के बाल काटे। उसके बाद वे बाथरूम में चले गए। उन्होंने बाथरूम को अंदर से बंद कर लिया। दोपहर लगभग एक बजे डॉ. ममता ड्यूटी से लौटीं, तो पति नजर नहीं आए।
ड्यूटी से डॉक्टर की पत्नी लौटीं तो बाथरूम में मिला शव
ईएमआई के बोझ तले दब गई प्रोफेसर की जिंदगी!
बच्चों ने बताया कि पापा बाथरूम में हैं। उन्होंने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खुला, तो आसपास के लोगों और कुछ डॉक्टर्स को जानकारी दी। उसके बाद वे धनवंतरी नगर पुलिस चौकी पहुंची। डॉ. ममता की बात सूचना पर चौकी में तैनात हवलदार उनके घर पहुंचा। उसने मिस्त्री की मदद से दरवाजे की सिटकनी को तोड़ा, तो सभी के होश उड़ गए। बाथरूम के भीतर डॉ. विनोद का खून से सना शव पड़ा था। पूरे बाथरूम में खून फैला था।
आला अधिकारी पहुंचे
डॉ. विनोद की आत्महत्या की जानकारी लगते ही आला अधिकारी व एफएसएल की टीम पहुंची। घटनास्थल का एफएसएल की टीम ने निरीक्षण किया और ग्राफ्टिंग ब्लेड जब्त की गई। पुलिस ने डॉ. ममता से पूछताछ की, तो पता चला कि कुछ दिन से डॉ. विनोद बीमार थे। इसके चलते वे ड्यूटी नहीं जा रहे थे। उन्होंने तीन मकान खरीदे थे। सभी मकान बैंक से फाइनेंस थे। इसकी ईएमईआई समय पर नहीं जमा हो पा रही थी। टैक्स भरने की बात भी डॉ. विनोद को परेशान कर रही थी। उक्त कारणों के चलते वे डिप्रेशन में चले गए थे।
डॉ. विनोद विश्वकर्मा ने तीन मकान खरीदे थे। वे बैंक की किश्त जमा नहीं कर पा रहे थे। इसके चलते वे परेशान थे। मामले की जांच की जा रही है।
- एसएन कुशवाहा, चौकी प्रभारी
Published on:
08 Jan 2021 03:57 pm

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