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Engineers Day Special-2020: IIITDM की इस पहल से छात्रों संग समाज का होगा भला

-सब कुछ रहा ठीक तो कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए भी जल्द मिलेगा रोबोट

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IIITDM Jabalpur

IIITDM Jabalpur

जबलपुर. भावी इंजीनियरो को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की पहल शुरू हो गई है। इस कोरोना काल ने देश ही नहीं अपितु पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के सोचने का तरीका बदल डाला है। अब विभिन्न टेक्निकल इंस्टीट्यूट व विश्वविद्यालयों में ऐसे शोध किए जा रहे हैं जो सीधे समाज के लिए उपयोगी हों। इसी क्रम में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अभिकल्पन एवं विनिर्माण संस्थान (IIITDM) ने भी बड़ी पहल की है।

इस संस्थान ने पहली बार समाज के लिए उपयोगी प्रोजेक्ट बनाने का जिम्मा विद्यार्थियों को दिया है। संस्थान के विद्वान प्रोफेसरों की निगरानी में इन प्रोजेक्ट्स पर काम होगा। विद्यार्थियों के समूह को प्रोफेसर हर जरूरी जानकारी और सुविधा उपलब्ध कराएंगे। संस्थान के निदेशक डॉ.संजीव जैन ने बताया कि यह नया प्रयोग है। अब स्वायत्ता की वजह से संस्थान अपने हिसाब से सिलेबस डिजाइन करने के लिये स्वत्रंत है। इसमें अलग-अलग ब्रांच के विद्यार्थी शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि भावी इंजीनियरों को 60 प्रोजेक्ट बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। ये सब संस्थान प्रबंधन ने तय किया है। इन प्रोजेक्ट के आधार पर विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा में नंबर भी मिलेंगे। इतना ही नहीं अच्छे प्रोजेक्ट को जनसमुदाय तक पहुंचाने के लिये पेटेंट भी कराया जाएगा। साथ ही प्रोजेक्ट पर आने वाला पूरा संस्थान वहन करेगा

इस नई व्यवस्था के तहत भावी इंजीनियर, कृषि, रोबोटिक्स, कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी, बायोडिवाइस, डिफेंस आदि सेक्टर के लिए काम करेंगे। फिलहाल छात्र पेड़ की पत्तियों से बनी प्लेट बनाने पर काम कर रहे हैं जो उपयोग के बाद स्वतः नष्ट हो जाएंगी। इसके अलावा पौधों में लगने वाली बीमारी का पूर्व आकलन करने के उपकरण, स्वचलित सिंचाई और ऐसा रोबोट जो मानव संवेदनाओं को समझ सके जैसे विषय पर भी काम चल रहा है। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से जुड़े कार्य भी कराए जा रहे हैं। बायोडिवाइस में ब्रेन स्ट्रोक अलर्ट, कम कीमत के वेंटीलेटर आदि बनाने की भी तैयारी की जा रही है।

कोट
"ट्रिपलआइटीडीएम के 60 प्रोजेक्ट में जो उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार होगा उसे पेटेंट कराया जायेगा। ताकि आमजन को इन उपकरणों का लाभ मिल सके। इसके लिए उपकरण का वृहद स्तर पर निर्माण करवाने के लिये कंपनियों को भी आमंत्रित किया जायेगा। ये पहला प्रयोग है।"-डॉ. संजीव जैन, निदेशक ट्रिपलआइटीडीएम, जबलपुर