झंडा सत्याग्रह में जबलपुर की अहम भूमिका, शताब्दी वर्ष पर इतिहास का स्मरण- देखें वीडियो
जबलपुर. स्वाधीनता संग्राम में झंडा सत्याग्रह की अहम भूमिका थी। इसकी शुरुआत शहर से हुई। 18 मार्च 1923 को अंग्रेजी हुकूमत के प्रतिबंध के बाद भी तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सुंदरलाल तपस्वी, सभापति बाबू कन्छेदीलाल जैन के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया था।
जलूस से निकलकर चार नौजवानों ने नगर पालिका भवन, वर्तमान के टाउन हाल में तिरंगा ध्वज फहरा दिया था। यहीं से झंडा सत्याग्रह आंदोलन शुरू हुआ। इस महत्वपूर्ण आंदोलन के उपलक्ष्य में शहर (जिला) कांग्रेस कमेटी के संयोजन में जबलपुर नगर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन, नगर स्वतंत्रता संग्राम सैनिक उत्तराधिकारी संगठन ने शनिवार को प्रथम झंडा सत्याग्रह शताब्दी वर्ष पर टाउन हॉल में ध्वजारोहण किया।
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष व महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि आजादी के आंदोलन की महत्वपूर्ण कड़ी था झंडा सत्याग्रह आंदोलन। कार्यक्रम में नित्य निरंजन खम्परिया, मदन तिवारी, कोमल चंद जैन, अरविंद जैन, संतोष पंडा, गुड्डू नवी, आशुतोष ठाकुर, लखन चौबे, मीनाक्षी स्वामी, प्रभा सिंह, सुशीला कनौजिया, कुलदीप सिंह, शुशांत सिंह, सुमित्रा गोटिया, इंदिरा तिवारी पाठक, रेखा जैन, रजनी निगम, देवकी पटेल मौजूद थीं।