
Indian bison or the Gaur, sanjay tiger reserve mp,
जबलपुर। संजय टाइगर रिजर्व सीधी में अब गौर (बायसन) के झुंड भी आकर्षण के केंद्र होंगे। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने गौर शिफ्टिंग की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इस टाइगर रिजर्व में इसे लेकर उत्साह है। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून के वैज्ञानिकों के हैबीटेट सुटेबिल्टी सर्वे के आधार पर तय होगा कि टाइगर रिजर्व में गौर की शिफ्टिंग किस क्षेत्र में की जाएगी। बताया जाता है कि वहां के जंगलों में पहले गौर पाए जाते थे। कान्हा और सतपुड़ा नेशनल पार्क में गौर पर्याप्त संख्या में हैं।
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गौर शिफ्टिंग की मिली सैद्धांतिक स्वीकृति
संजय टाइगर रिजर्व में भी लुभाएंगे गौर
जंगली भैसा नहीं है गौर
गौर गाय प्रजाति का वन्य प्राणी है। जबकि, जंगली भैंसा भैंस प्रजाति का होता है। सींग बड़े और रंग काला होने के कारण कुछ लोग इसे जंगली भैसा मानते हैं। 7-8 क्विंटल वजन और ऊंची कद काठी वाले नर एवं मादा गौर के सिर में बड़े सींग होते हैं। नर अक्सर अकेला रहता है, जबकि मादाएं एवं बछड़े साथ होते हैं। ये पहाड़ी वाले क्षेत्रों में रहते हैं।
वन्य प्राणियों के प्रजाति पुर्नस्थापना के अंतर्गत संजय टाइगर रिजर्व में गौर के शिफ्ंिटग की सैद्धांतिक सहमति मिली है। संजय टाइगर रिजर्व में गौर शिफ्टिंग की तैयारी की जा रही है।
- विंसेंट रहीम, फील्ड डायरेक्टर, संजय टाइगर रिजर्व, सीधी
डब्ल्यूआईआई देहरादून के वैज्ञानिकों के सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गौर की शिफ्टिंग की जाएगी। सर्वे के लिए संस्था को पत्र भेजा गया है, जल्द ही सर्वे शुरू होगा।
- दिलीप कुमार, एपीसीसीएफ, वन्य प्राणी भोपाल
Published on:
10 Jan 2019 02:25 pm
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