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train accident : ट्रेन हादसे का सायरन बजता रहा, उधर रिलीफ ट्रेन के पहिए पर ब्रेक लगा रहा, हैरान कर देगा पूरा मामला

आपताकालीन सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों को पहुंचे लेट

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जबलपुर। भेड़ाघाट स्टेशन के पास गुरुवार की देर रात इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य करने वाली ट्रेन पटरी से नीचे उतर गई। इस डिरेलमेंट की सूचना जैसे ही मुख्यालय पहुंची हड़कंप मच गया। तत्काल रेलवे का इमरजेंसी सायरन/हूटर बजने लगा। रिलीफ ट्रेन को मौके पर रवाना करने की तैयारियां शुरू हो गई। लेकिन लगातार सायरन बजने के बावजूद आपातकालीन सेवा के अधिकारी और कर्मचारियों को रिलीफ ट्रेन तक पहुंचने में आधा घंटे से अधिक का वक्त लगा। इसके चलते रिलीफ ट्रेन विलंब से रवाना हुुई। ये तो गनीमत रही कि ये सब एक मॉक ड्रिल का हिस्सा था। लेकिन इस अभ्यास ने जोन मुख्यालय में इमरजेंसी सेवा की कलई भी खोल दी है।

समीक्षा में सामने आयी लापरवाही
रेलवे के जबलपुर डिवीजन ने अपनी इमरजेंसी सेवाओं को परखने के उद्देश्य से गुरुवार की देर रात मॉक ड्रिल की थी। इस ड्रिल की शुक्रवार को डीआरएम मनोज सिंह ने समीक्षा की। डीआरएम ने रिलीफ ट्रेन को रवाना किए जाने में आधे घंटे से अधिक वक्त लगने पर नाराजगी जताई। इसमें सुधार के निर्देश दिए। साथ जिम्मेदार अधिकारियों को आपतकालीन परिस्थितियों में चौकन्ना रहने की नसीहत दी है।

फुर्ती से काम करने के लिए कहा
रेल जानकारों के अनुसार किसी घटना की सूचना मिलने पर आम तौर पर करीब 20 से 25 मिनट का समय रिलीफ ट्रेन को रवाना होने में लगता है । इसे सामान्य माना जाता है। लेकिन मॉक ड्रिल में रिलीफ ट्रेन को मौके पर रवाना करने की तैयारी में आधा घंटे से अधिक वक्त लग गया। कई अधिकारी और कर्मचारी तो सायरन बजने के बाद भी आराम से रिलीफ ट्रेन तक पहुंचे। इस रवैये को बदलने और फुर्ती से काम करने के लिए डीआरएम ने निर्देशित किया है।

रजाई ओढ़कर सो रहे थे, सायरन से जागे
रिलीफ टीम में 5 डॉक्टर तथा 20 लोगों का मेडिकल स्टाफ भी था, जो कि रिलीफ ट्रेन का मुख्य हिस्सा होता है। इन कर्मचारियों में कई तो हॉस्पिटल में ड्यूटी पर थे और वे लोग सबसे पहले स्टेशन पहुंच गए थे, लेकिन जो कर्मचारी घरों पर थे उनको आने में वक्त लगा। विलंब से पहुुंचने वाले कर्मचारियों का कहना था कि उनकी नींद ही सायरन की लगातार आती आवाज से खुली और इसके कारण रेल कॉलोनी से रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में उनको समय लगा।

मदनमहल स्टेशन से वापसी
रेलवे कंट्रोल रूम में जैसे ही गुरुवार की देर रात को भेड़ाघाट के पास इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य करने वाली ट्रेन के पटरी से उतरने की सूचना आयी विभागीय अधिकारी हरकत में आ गए। सूचना मिलते ही रिलीफ ट्रेन को यार्ड से लाकर स्टेशन में खड़ा कर दिया गया। 15 मिनट के अंदर रिलीफ ट्रेन स्टेशन में आकर खड़ी हो गई। लेकिन यार्ड से स्टेशन आने के बाद रिलीफ ट्रेन को रिलीफ टीम के कर्मचारियों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। रिलीफ ट्रेन रात करीब 1 बजे मौके लिए रवाना हो पायी। मदनमहन स्टेशन पहुंचने पर रिलीफ ट्रेन को रोक दिया गया। वहां, रिलीफ टीम को मॉक ड्रिल होने की जानकारी दी गई।