उपयोग नहीं किए जाने से जिला प्रशासन ने वापिस लिया बड़ा हिस्सा
जबलपुर .शहर के माढ़ोताल में उद्योग विभाग की बेशकीमती जमीन दूसरे विभागों को आवंटित की जा रही है। यहां जबलपुर-सिंगरौली औद्योगिक गलियारे के लिए सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रक्ट (सीबीडी) से जुडे़ भवनों को बनाने का दावा किया गया था। विभाग का केवल एग्जीबिशन सेंटर बना है। बची भूमि से कुछ भाग स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को दे दिया गया है।
दमोह रोड पर गायत्री मंदिर के पीछे उद्योग विभाग को 27 एकड़ जमीन जिला प्रशासन की तरफ से आवंटित की गई थी। इसमें 12.7 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण था। 15 एकड़ जमीन ऐसी थी जो उपयोग में लाई जा सकती थी। एक दशक पहले उद्योग विभाग ने जबलपुर-सिंगरौली औद्योगिक गलियारे के निर्माण की योजना बनाई थी। तब यहां सीबीडी बनने का प्रस्ताव था। इसमें होटल, रेस्टारेंट, कार्यालय, अस्पताल जैसी तमाम सुविधाओं को बनाने की बात की गई थी।
उद्योग विभाग ने नहीं दिया ध्यान
इस जमीन का उपयोग नहीं होने के कारण लगातार अतिक्रमण भी होते रहे। हाल में जिला प्रशासन ने झोपडि़यां हटाई थी। अभी बडे़ हिस्से में पक्का अतिक्रमण है। यहां पौने सात एकड़ क्षेत्रफल में विभाग का एग्जीबिशन सेंटर बना है। इसके अलावा उसका कोई निर्माण यहां पर नहीं है। 9.88 एकड़ में सामुदायिक अस्पताल का निर्माण किया गया था। साढे़ 5 एकड़ जमीन महिला एवं बाल विकास विभाग को आवंटित कर दी गई है। इसमें कंपोजिट भवन बनाया जाएगा।
नजूल समिति ने किया अनुमोदन
इस जगह का उपयोग नहीं होने के कारण जिला और संभागीय नजूल निवर्तन समिति ने वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग से यह जमीन वापस लेकर इन विभागों को इसका आवंटन कर दिया। अब यहां 9 एकड़ जमीन बची है। यदि इसका उपयोग नहीं किया गया तो फिर इसका आवंटन भी अब दूसरे विभागों को हो सकता है।
प्रशासन जमीन का आवंटन विशेष उद्देश्य के लिए करता है। यदि वह पूरा नहीं होता तो फिर जमीन दूसरे कामों में उपयोग की जाती है। नजूल निर्वतन समिति के माध्यम से उद्योग विभाग की जमीन में कुछ हिस्सा सामुदायिक अस्पताल एवं महिला बाल विकास विभाग को दिया गया है।
मिशा सिंह, अपर कलेक्टर