
Industrial Area
सिहोरा। औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ में करीब आधा दर्जन खदानों की लीज स्वीकृत नहीं होने से नए निवेशकों ने प्लांट स्थापित करने का काम बीच में ही रोक दिया है। बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार नहीं हो रहा है। सडक़ें बदहाल हैं। स्ट्रीट लाइट भी बंद रहती हैं। ऐसे में निवेशक औद्योगिक इकाइयां लगाने से कतरा रहे हैं।
सिहोरा से आठ किमी दूर हरगढ़ में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2009 में एक हजार हेक्टेयर में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हुई थी। तीन साल में यहां पांच औद्योगिक इकाइयां शुरू हुईं, लेकिन अव्यवस्था के चलते उनकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई। कई निवेशकों ने उद्योग लगाने से हाथ खींच लिए। वर्तमान में यहां तीन इकाइयां (बेनीफिकेशन प्लांट) चल रहे हैं। लेकिन, कच्चे माल (आयरन ओर, बॉक्साइड) की कमी चलते बंद होने की स्थिति में हैं। एचपी कंपनी के एक नए प्लांट में काम शुरू हुआ, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ है।
माइनिंग विभाग में आवेदन
आद्योगिक इकाइयों ने दो साल पहले बेनीफिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए खदान स्वीकृति के लिए माइनिंग विभाग को आवेदन किया था। माइनिंग विभाग ने एक भी इकाई की लीज स्वीकृत नहीं की। निवशकों का कहना है खदानें स्वीकृत नहीं होंगी तो लीज कहां से मिलेगा। आखिरकार इकाइयों ने प्लांट का काम ही शुरू नहीं किया। अभी हरगढ़ में यूरो बांड और ब्रोन इन हिल प्लांट चल रहे हैं।
एकेवीएन ने भी खींचे हाथ
हरगढ़ में औद्योगिक इकाइयां शुरू नहीं होने से औद्योगिक विकास निगम ने सुविधाओं से हाथ खींच लिए। औद्यौगिक क्षेत्र हरगढ़ में सडक़ों की मरम्मत नहीं हुई है। बिजली के पोल आड़े-तिरछे हो गए हैं। स्ट्रील लाइट्स बंद रहती है। सुरक्षा चौकी में ताला लगा है, यहां किसी की तैनाती नहीं है। एकेवीएन के कार्यालय में भी हर समय ताला लगा रहता है।
Published on:
16 Oct 2019 10:00 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
