आईपीएल सट्टा खिलाने वाला एप होगा बंद, मप्र पुलिस कर रही ये तैयारी
जबलपुर। दुबई में बैठकर फूटाताल निवासी आजम खान और अंधेरदेव निवासी निक्की जैन के जरिए शहर में आइपीएल और क्रिकेट का सट्टा खिलाने वाले सतीश सनपाल के ऐप की जांच पुलिस द्वारा साइबर एक्सपर्ट की टीम से कराई जा रही है। इसके जरिए आजम शहर के बुकियों को मास्टर आइडी देता था। साइबर एक्सपर्ट की टीम जांच कर ऐप बनाने वाली कम्पनी से सम्पर्क कर उसे बंद कराने की कोशिश कर रही है। दिलीप खत्री था सतीश के भाई का पार्टनर, दुबई भी गया-दिलीप खत्री का नाम भी क्रिकेट के सट्टे में सामने आता रहता है। जानकारी के अनुसार दिलीप और उसके परिजन लम्बे समय से सट्टा खिला रहे हैं।
पुलिस को यह भी पता चला है कि सतीश सनपाल के भाई संजय सनपाल के साथ दिलीप खत्री, माया और दीना ङ्क्षसधी की पार्टनरशिप थी। संजय ने दुबई से काम करने की बात कही तब दिलीप ने उससे पार्टनरशिप खत्म कर ली थी। हालांकि दोनों के रिश्ते खत्म नही हुए। पिछले कुछ वर्षों में दिलीप व अन्य बुकी कई बार दुबई गए। वहां उनकी मुलाकात सतीश और संजय से हुई। कुछ माह पूर्व सतीश ने दुबई के एक होटल में शहर के सभी बुकियों को पार्टी भी दी थी।
सतीश आबूधाबी शिफ्ट
दुबई के बाद सतीश आबूधाबी में शिफ्ट हो गया है। जबकि उसका ऑफिस दुबई में ही है। आजम, निक्की व अन्य लोग उसके गोवा के कसीनों का काम देखते थे। यहां से क्लब बंद करने के बाद सतीश ने दुबई की शेख जैद रोड पर क्लब बनाया है। समय-समय पर शहर के बड़े बुकियों और सटोरियों को आजम के माध्यम से दुबई बुलाकर क्लब ले जाया जाता था।
एमसीएक्स का भी था काम
सतीश और उसका भाई संजय सनपाल एमसीएसक्स समेत सभी प्रकार के सट्टे का धंधा ऑपरेट कर रहे हैं। कुछ साल पहले कटंगा-बंदरिया तिराहा मार्ग पर पुलिस ने छापा मारकर सजंय के एमसीएक्स के सट्टे का खुलासा किया था। हालांकि उस वक्त वह पुलिस के हाथ नहीं सका।
यह है मामला
मदन महल पुलिस ने शनिवार को होमसाइंस कॉलेज के पास दबिश देकर फूटाताल निवासी दीपक पटेल और होम साइंस कॉलेज के पीछे रहने वाले सुनील ठाकुर को मोबाइल ऐप के माध्यम से सट्टा लिखते हुए पकड़ा था। उनके पास से एक टीवी, एक सेटटॉप बॉक्स, एक कैल्कुलेटर, बाइक एमपी 20 एनटी 5786, 1790 रुपए और लाखों का हिसाब किताब बरामद हुआ था। पूछताछ में सुनील और दीपक ने बताया कि वे फूटाताल निवासी आजम खान और अंधेरदेव निवासी निक्की जैन के लिए काम करते थे। सट्टे में उनका नाम न आए, इसलिए आजम और निक्की उनसे वॉट््स ऐप कॉल या मैसेज के जरिए बात करते थे।
साइबर एक्सपर्ट की टीम की मदद से उस ऐप की जांच कराई जा रही है, जिसके जरिए क्रिकेट और आइपीएल का सट्टा लिखा जाता था। ऐप को बंद कराने के प्रयास भी किए जाएंगे।
- नीरज वर्मा, टीआई, मदन महल