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इस युवा IPS ने पेश की मिशाल, नई पीड़ी को दे रहे हैं ये टिप्स…

-2018 बैच के IPS हैं, जहां भी रहे अपने काम से किया प्रभावित

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आईपीएस श्रुतिकीर्त सोमवंशी

आईपीएस श्रुतिकीर्त सोमवंशी

जबलपुर. इस युवा IPS ने पेश की है मिशाल। उन्होंने नई उम्र के लड़के-लड़कियों को आईपीएस बनने की टिप्स देना शुरू किया है। वैसे तो यह योजना उनके दिमाग में काफी दिनों से चल रही थी जिसे इस रविवा को उन्होंने मूर्त रूप दे दिया। सिहोरा रेस्टहाउस में रविवार को उनकी पहली कक्षा शुरू हुई। दरअसल वो ऐसे युवाओं को सिविल सेवा की तैयारी कराना चाहते हैं जो इस क्षेत्र में आना चाहते हैं, अपना प्रोफेशन बनाना चाहते हैं।

मूलतः यूपी के रायबरेली के रहने वाले 30 वर्षीय श्रुतिकीर्ति सोमवंशी के पिता डॉक्टर तहसीलदार सिंह यूपी में डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके बड़े भाई स्वरोचित सोमवंशी 2012 बैच के IPS हैं और वर्तमान में वल्लभ भवन भोपाल में तैनात हैं। स्कूली शिक्षा रायबरेली से पूरी करने वाले सोमवंशी को कहने को तो सिविल सेवा की परीक्षा में सफल होने की शिक्षा बालपन से घर में ही मिल रही थी। लेकिन उन्होंने अपने स्तर से इसकी तैयारी की। इसके लिए उन्होंने लखनऊ से बीटेक किया फिर सिविल की तैयारी करने दिल्ली चले गए। 2018 में सेकेंड अटेंप्ट में आईपीएस का एग्जाम क्वालीफाई किया। फिलहाल वो जबलपुर के सिहोरा क्षेत्र में एसडीओपी का दायित्व संभाल रहे हैं।

आईपीएस सोमवंशी का कहना है कि युवाओं को इस तरह की ट्रेनिंग देने की योजना पिछले दो साल से दिमाग में ये चल रही थी। लेकिन कोरोना के चलते इस पर काम शुरू नहीं हो पाया। लेकिन अब जैसे ही मौका मिला, हालात नार्मल हुए योजना पर काम शुरू कर दिया।

बताया कि जबलपुर मेरे लिए खास है। आईपीएस की ट्रेनिंग के बाद पहली पोस्टिंग जबलपुर में ही मिली। बरगी टीआई के रूप में प्रशिक्षण लेने के बाद अब सिहोरा एसडीओपी की जिम्मेदारी संभाल रहा हूं। इस क्षेत्र के बहुतेरे युवा जब भी मिलते थे, तैयारी के बारे में जिक्र करते थे। उनकी बातचीत से महसूस होता रहा कि उन्हें सही मार्गदर्शन और गाइड की जरूरत है। बस इसी सोच ने प्रेरणा दी और आज से ये क्लास शुरू कर रहा हूं।

एसडीओपी सिहोरा श्रुतिकीर्ति सोमवंशी के मुताबिक पुलिस की जॉब टफ होती है। ऐसे में समय निकालना थोड़ा मुश्किल होता है। फिर सिहोरा संभाग जिले में सबसे बड़ा है। इस कारण अभी शुरूआती दिनों में संडे टू संडे क्लास लगेगी। पूरी कोशिश होगी कि मेरे अलावा इस क्लास में मेरे बैचमेट लखनादौन में पदस्थ सिद्धार्थ जैन और मेरे सीनियर भी शामिल हों। अलग-अलग लोगों के अनुभव युवाओं के काम आएंगे। सभी लोगों ने अलग-अलग तरीके से परीक्षा फेस किया होगा। उन्होंने कैसे तैयारी की, इसके बारे में वे बेहतर ढंग से समझाएंगे तो युवाओं को काफी मदद होगी।

आईपीएस सोमवंशी के मुताबिक यूपीएससी की तैयारी करने से पहले इसके बारे में जान लेना जरूरी है। मसलन कितने चांस मिलते हैं। प्रारंभिक परीक्षा कैसी होती है। मुख्य परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक के सफर और वहां पहुंचने तक सामने आने वाली चुनौतियों को कैसे फेस करना है, ये सब हम इन युवाओं को बताएंगे। वैकल्पिक विषय क्या रखें। वहीं जो दिल्ली या दूसरी जगह रहकर एक-दो साल से तैयारी कर रहे थे और कोविड के चलते घर आना पड़ा, उनकी समस्या को जान कर उसे हल करने की कोशिश करेंगे। वैसे फिलहाल रविवार के रविवार ही ये क्लास चलेगी।

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