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#ITPark आईटी पार्क में 2500 युवाओं को मिलेगी जॉब, 25 कंपनियों को निवेश का मौका

#ITPark आईटी पार्क में 2500 युवाओं को मिलेगी जॉब, 25 कंपनियों को निवेश का मौका

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Jabalpur IT Park

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जबलपुर. आइटी क्षेत्र की साफ्टवेयर व अन्य कंपनियों को बरगी हिल्स आईटी पार्क में एक और बड़ी जगह मिलने वाली है। एक लाख 20 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल की दूसरी टेक्नोपार्क बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो गया है। इसमें एक साथ 25 छोटी और बड़ी कंपनियां काम कर सकती हैं। जो कंपनियां यहां काम करेंगी, उनके हिसाब से फिनिशिंग वर्क होगा।

एक लाख 20 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में निर्माण
दूसरी टेक्नोपार्क बिल्डिंग तैयार 25 कंपनियों को निवेश का मौका

हाउसिंग बोर्ड ने बनाई
मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कारपोरेशन (एमपीएसईडीसी) ने हाउसिंग बोर्ड से दूसरी टेक्नोपार्क बिल्डिंग का निर्माण कराया है। इस इमारत को बनकर छह माह पहले ही तैयार हो जाना था लेकिन तकनीकी बाधाओं के चलते काम में देरी हो गई थी। अब अंतिम दौर का काम बचा है। इसमें 3 माह का समय लगेगा। इसके बाद कंपनियां अपना काम शुरू कर सकती हैं। इनके आवंटन के लिए अभी से बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं।
फिनिशिंग वर्क बाकी

एक अनुमान के अनुसार जो कंपनियां आएंगी, उनमें ढाई हजार युवाओं को रोजगार मिल सकता है। अभी टेक्नोनार्क बिल्डिंग-1 में एक दर्जन कंपनियां काम कर रही हैं।

यह है स्थिति
● बरगी हिल्स आईटी पार्क की दूसरी टेक्नोपार्क इमारत।
● छह मंजिला इमारत
● एक लाख 20 हजार वर्गफीट है इमारत का क्षेत्रफल।
● 25 छोटी और बड़ी कंपनियों को मिल सकती है जगह।

मार्च तक हैंडओवर होगी नई इमारत
टेक्नोपार्क-2 बिल्डिंग को निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड मार्च तक एमपीएसईडीसी को हेंडओवर करेगा। बताया जाता है कि सभी छह मंजिलों पर स्लैब पड़ चुका है। अभी फिनिशिंग वर्क हो रहा है। इसमें फर्श बनाना, टाइल्स लगाना, लिफ्ट का काम और रंगाई-पुताई के साथ ही बिजली और पानी के लिए अंडरग्राउंड लाइन पर काम होगा। इस काम को पूरा करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया है।

ज्यादातर काम ऑनलाइन

आइटी कंपनियां ऐसे स्थान की तलाश में रहती हैं, जहां उन्हें खुद कोई निर्माण नहीं करना पडे़। देश के कई बडे़ शहरों में इनके बैक ऑफिस हैं। जानकारों के अनुसार वहां किराया इतना अधिक होता है कि वे वहां अपना विस्तार नहीं कर पा रही हैं। इसलिए वे छोटे शहरों का रुख कर रही हैं। उनका ज्यादातर काम ऑनलाइन रहता है। ऐसे में वे कहीं भी इसे चलाएं तो दिक्कत नहीं है। जबलपुर इन कंपनियों के लिए बड़ा डेस्टीनेशन बन रहा है। इसकी वजह यहां औद्योगिक शांति, सस्ता श्रम और बिजली, पानी और आवास की बेहतर सुविधा है।

टेक्नोपार्क-2 बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पूरी मंजिलों पर स्लैब डाला गया है। फर्श पर टाइल्स के अलावा लिफ्ट लगाने का काम किया जा रहा है। हमने निर्माता ठेका फर्म को 31 मार्च तक इसे पूरा करने का समय दिया है।

सुनील उपाध्याय, कार्यपालन यंत्री, मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल