
2018 में चारों विधानसभाओं में जमकर चला था नोटा :16 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले थे
जबलपुर. चुनावी समर में युवा बढ़-चढकऱ शामिल हो रहे हैं। प्रत्याशियों के चुनाव कैम्पेन में शामिल होने से लेकर ज्यादा से ज्यादा लोगों से मतदान करने की अपील करने में वे पीछे नहीं हैं। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों को भी अच्छी तरह से मालूम है कि युवा मतदाताओं की चुनाव में अहम भूमिका होने वाली है। इसका बड़ा कारण ये है कि बड़ी संख्या में युवा अपनी ज्वलंत समस्याओं, शिक्षण संस्थाओं में शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर, स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर क्षेत्रीय मुद्दों का बारीकी से एनालिसिस करते हैं। इतना ही नहीं वे परिवारजनों से लेकर मोहल्ला, पड़ोस, कार्यालय में प्रभाव भी रखते हैं। ऐसे में सभी पार्टियों की नजर युवाओं पर है।
52 हजार से ज्यादा फर्स्ट टाइम वोटर - 18 से लेकर 19 वर्ष के ऐसे मतदाता जो विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान करने वाले हैं उनकी संख्या 52 हजार से ज्यादा है। इन युवाओं पर नेताजी का सबसे ज्यादा फोकस है। क्योंकि इस आयु वर्ग के मतदाताओं के लिए प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि महत्वपूर्ण है। ऐसे में ज्यादातर नेताजी गली-मोहल्लों में जन संपर्क के दौरान बेटा-बिटिया का हाल-चाल उनकी पढ़ाई, काम-धाम के विषय में जरूर पूछ लेते हैं।
13 लाख से ज्यादा मतदाता 20 से 49 वर्ष तक के
जिले की सभी आठ विधानसभाओं में मतदाताओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो 20 से 49 वर्ष तक मतदाताओं की संख्या 13 लाख से भी ज्यादा है। ये मतदाता चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। इनके प्रमुख मुद्दों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर रोजगार के अवसर शामिल हैं।
Published on:
04 Nov 2023 12:20 pm
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