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Jabalpr गिनती के डाक्टरों के भरोसे साढ़े 17 लाख की आबादी

- एनएचएम मिशन संचालक को सिविल सर्जन ने लिखा पत्र- कलेक्टर से आकस्मिक सेवा में नहीं आने वाले डॉक्टरों की शिकायत जबलपुर . जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने समस्याओं को लेकर एनएचएम मिशन संचालक को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल की आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाएं चिकित्सकों की कमी के कारण प्रभावित हो रही हैं। आए दिन मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं। चिकित्सकों के पद रिक्त हैं, जिन्हें नहीं भरा जा रहा है।

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कलेक्टर से आकस्मिक सेवा में नहीं आने वाले डॉक्टरों की शिकायत

victoria hospital

90 फीसदी पद खाली

जिला अस्पताल में चिकित्सा अधिकारियों के स्वीकृत 34 में से 30 यानी की 90 प्रतिशत पद खाली हैं। आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाने का प्रावधान है। आकस्मिक स्वास्थ्य सेवा चार डाक्टरों के भरोसे है। वर्तमान में एक संविदा कैजुअल्टी मेडिकल ऑफीसर की पदस्थापना की गई है। अस्पताल पर मरीजों बड़ी निर्भरता है। पुलिस थानों से पीडि़तों को परीक्षण के लिए यहां लाया जाता है।

10 डाक्टरों की तैनाती, आते नहीं
उधर, सिविल सर्जन ने एक पत्र कलेक्टर को भी भेजा है। जिसमें उन्होंने आकस्मिक सेवा में डॉक्टरों के नहीं आने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि आकस्मिक चिकित्सा विभाग में डॉक्टरों की तैनाती की गई थी। लेकिन इनमें अधिकतर अपने तय ड्यूटी टाइम पर नहीं आए। इसके बारे में किसी तरह की सूचना भी नहीं दी। इससे बहुत खराब स्थिति बन रही है।

दो डॉक्टरों का इनकार
कलेक्टर को लिखे पत्र में सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि ड्यूटी पर अनुपस्थित मिले डॉक्टरों को नोटिस दिए गए हैं। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी है। दो चिकित्सकों ने तो आकस्मिक चिकित्सा विभाग में ड्यूटी करने से ही मना कर दिया। उन्होंने बताया कि लगातार विवादित मामले अस्पताल आ रहे हैं, डॉक्टरों के नहीं मिलने पर हालात बिगड़ सकते हैं।