आग की लपटों में घिरी मासूम ने एक बार तो पुकारा होगा मेरा नाम... छलका पिता का दर्द
जबलपुर। आग से घिरी फूल सी बच्ची ने मुझे जरूर पुकारा होगा, सोचकर मन दहल उठता है... मक्का नगर स्थित गद्दा कारखाने में जिस समय हादसा हुआ, उस समय रोजाना हिना स्कूल में रहती थी। लेकिन, मंगलवार को छुट्टी होने के कारण वह घर पर थी। इसलिए मां नगीना उसे अपने साथ कारखाना ले गई थी। हिना के पिता अशरफ मंसूरी आंसू पोंछते हुए कहा कि उसने पुकारा होगा पर मदद नहीं कर पाए। गुरुवार को भी आसपास का माहौल गमगीन था।
गद्दा कारखाना, गोदाम में आग लगने से मां-बेटी की मौत का मामला : मृतका के पति ने बताई पीड़ा
हिना के पिता अशरफ ने बताया कि वह यूकेजी में पढ़ती थी। प्रतिदिन 9.30 बजे स्कूल चली जाती थी। स्कूल से लौटकर वह घर पर ही रहती थी। स्कूल में परीक्षा होने के कारण छुट्टी थी। इसलिए नगीना उसे अपने साथ कारखाना ले गई थी। हादसे के बाद परिजनों और पड़ोसियों ने उसे फोन पर बताया कि हिना की तबीयत खराब है। यह सुनकर वह काम से लौटा, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। हादसे के दूसरे दिन भी क्षेत्र का माहौल गमगीन था।
एक साथ बनाया था टिफिन : अशरफ ने रोते हुए बताया कि वह महाराजपुर में मजदूरी करता है। रोजाना की तरह नगीना ने उसका और अपना टिफिन लगाया। वह टिफिन लेकर काम पर गया। इसके बाद नगीना भी कारखाना चली गई थी।
अवैध था कारखाना
जिस कारखाने में आग की चपेट में आने से महिला और उसकी बेटी की मौत हुई, उसका संचालन अवैध रूप से किया जा रहा था। इसका खुलासा हनुमानताल पुलिस की जांच में हुआ। पुलिस कारखाने से सम्बंधित कई दस्तावेज भी जांच रही है। मक्का नगर की गली सात में अशरफ मंसूरी का कारखाना और गोदाम है। वहां कपड़ों की चिंदी से गद्दे बनाए जाते हैं।
यह है घटना
मक्कानगर गली नम्बर-7 में अशरफ मंसूरी का रजाई-गद्दा बनाने का कारखाना और गोदाम है। यहां कपड़ों की चिंदी से गद्दे बनाए जाते हैं। रोजाना की तरह मंगलवार को मोहरिया निवासी शहजाद की पत्नी नगीना (26) छह वर्षीय बेटी हिना के साथ काम पर गई थी। वह गोदाम के पहले तल पर गद्दों में टांके लगा रही थी। पास ही उनकी बेटी हिना खेल रही थी। भूतल पर समीर और एक अन्य महिला काम कर रहे थे। इसी दौरान भूतल पर रखी सिलाई मशीन में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। समीर और एक अन्य महिला बाहर निकल गए, लेकिन नगीना और हिना प्रथम तल पर फंस गए थे। धुएं में दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई।