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जबलपुर को मिली बड़ी सौगात, 2025 तक दौड़ने लगेगी मेट्रो ट्रेन

- संस्कारधानी में अभी से शुरू कर दी जाएगी प्रोजेक्ट पर कवायद तब भी पूरा होने में पांच से छह साल लग जाएंगे

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CMRL Metro Train services available at every 5 mins in both Corridors

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जबलपुर. मध्यप्रदेश में नई सरकार गठित होने के बाद से संस्कारधानी जबलपुर का न सिर्फ राजनीतिक कद बढ़ा है बल्कि पिछड़ेपन का दाग धोते हुए विकास के कई बड़े सपने भी संजोए गए हैं। कमलनाथ सरकार का जबलपुर को लेकर पहला बड़ा प्रयोग शहर में कैबिनेट की बैठक आयोजित करना था। इसमें जबलपुर से जुड़ी तमाम घोषणाएं की गईं। अब एक बार फिर जबलपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी का दर्जा मिलने का रास्ता खुल गया है और मेट्रो ट्रेन चलाए जाने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ की सहमति मिल चुकी है। वित्तमंत्री तरूण भनोत ने पिछले दिनों मंच से कमलनाथ की मौजूदगी में बाकायदा इस आशय की घोषणा भी कर दी है।
बढ़ रही जनसंख्या विकल्प होगी मेट्रो टे्रन
शहर में अनुपातहीन तरीके से बढ़ रहे वाहन और ढाई प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रही जनसंख्या के लिए मेट्रो ट्रेन बेहतर विकल्प होगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से मेट्रो ट्रेन की घोषणा से भले ही संस्कारधानी के लोगों की उम्मीदें आसमान पर हों, लेकिन यदि अभी इसकी कवायद शुरू हो तो इसे पूरा होने में छह साल लग जाएंगे। आगामी वर्षों में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के साथ शहर के विकास की कवायद भी करनी होगी, जहां आमजन के लिए सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। हालांकि जिन रूट्स से मेट्रो गुजरेगी, वहां जमीन की कीमतें बढऩा तय है। इस रिपोर्ट में जानिए वे सुविधाएं और चुनौतियां क्या हैं।
वाहनों को रखने
की व्यवस्था
टीओडी पॉलिसी लाने का एक कारण शहर में अनुपातहीन गति से बढ़ रही वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना है। वर्तमान में 18 लाख की आबादी पर शहर में आठ लाख वाहन पंजीकृत हैं। हर साल आठ प्रतिशत की रफ्तार से वाहन बढ़ रहे हैं। इस हिसाब से 2041 तक स्थिति विस्फोटक हो जाएगी। आबादी में वर्ष 2041 तक इसी अनुपात से वृद्धि होने पर आंकड़ा 32 लाख तक पहुंच सकता है।
जारी करेंगे सप्लीमेंट्री बजट: वित्तमंत्री तरूण भनोत
प्रदेश के वित्तमंत्री तरुण भनोत ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से शहर को मेट्रो की सौगात देने के बाद इसके लिए सप्लीमेंट्री बजट में प्रावधान किए जाएंगे। इसके बाद सर्वे होगा। वर्ष 2041 की जनसंख्या के दृष्टिगत डीपीआर तैयार कराई जाएगी। जबलपुर में पर्यटन सहित अन्य प्रमुख स्थलों व लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर ही प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। मेट्रो रेल जबलपुर की लाइफ लाइन बनेगी। परियोजना में धन की कमी आड़े नहीं आएगी।
मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो रेल: बीआरटीएस, प्राइवेट कैब, ऑटो एक स्थान पर मिलेंगे
- फस्र्ट एंड लास्ट कनेक्टिविटी: सभी यातायात साधनों को घर, दुकान या संस्थान से मेट्रो स्टेशन तक कनेक्टिविटी देने के चुनिंदा रास्ते होंगे
- मिक्स लैंड यूज: बस, रेल स्टॉपेज, घर, बाजार और दफ्तर होने से सामाजिक सुरक्षा बढ़ेगी। ये स्थान कभी सूने नहीं होंगे।
- हाउसिंग डायवर्सिटी: इन क्षेत्रों में हर वर्ग को सहवासी सुविधा दी जाएगी। इसके लिए हाईराइज, ड्यूपलेक्स, अफॉर्डेबल बिल्डिंग प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए हाउसिंग डायवर्सिटी एरिया तय किए जाएंगे।
- लैंड वैल्यू कैप्चर: जमीन का पूरा उपयोग होगा, जिससे लोगों को प्रोजेक्ट एरिया के आसपास सभी सुविधाएं मिलें
पिछले साल कराया जा चुका है सर्वे
जबलपुर व ग्वालियर में मेट्रो ट्रेन को लेकर फिजिबिलिटी सर्वे 2017 में कराया जा चुका है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से इसका परीक्षण कराया जाएगा। शहर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक दबाव का आकलन कर नए सिरे से रूट आदि तय किए जाएंगे। रूट में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेडिकल और शहर के प्रमुख पयर्टन स्थल के साथ शहर विस्तार की सम्भावनाओं को देखते हुए डीपीआर के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
संजय दुबे, पीएस,
नगरीय प्रशासन विभाग