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नगर सरकार के दो साल बाकी, अब तक नहीं हो पाया मंत्रिमंडल का विस्तार

महापौर के भाजपा में शामिल होने के बाद गिनती के सदस्य बने निगम मंडलों की नियुक्तियां भी अटकी एमआइसी के विस्तार की राह ताक रहे कई पुराने चेहरे

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cabinet expansion : 79 वार्ड और 18 लाख की आबादी वाले जबलपुर में नगर सरकार मेयर के साथ महज 5 एमआईसी सदस्यों से संचालित हो रही है। जल से लेकर सफाई, राजस्व, लोक निर्माण विभाग, उद्यान, शहरी गरीबी उपशमन, परिवहन जैसे विभागों का दारोमदार उन्हीं पर है। बहुमत वाली भाजपा सरकार में दो से लेकर तीन-चार बार के पार्षद भी एमआईसी में जगह मिलने की बाट जोह रहे हैं पर सालभर बाद भी मेयर-इन-काउंसिल का विस्तार नहीं हो सका है। नगर सरकार का कार्यकाल दो साल बचा है।

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cabinet expansion : महापौर के भाजपा में शामिल होने के बाद गिनती के सदस्य बने
निगम मंडलों की नियुक्तियां भी अटकी
एमआइसी के विस्तार की राह ताक रहे कई पुराने चेहरे

फिलहाल सत्ता पक्ष के कई चेहरों को इंतजार है कि उन्हें भी एमआईसी में जगह मिल सके, लेकिन भाजपा संगठन के स्तर पर भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है। निगम-मंडलों की नियुक्तियां भी अटकी हुई हैं। पूर्व की कमलनाथ सरकार, शिवराज सिंह सरकार के कार्यकाल में भी जेडीए, एमडीए, हाउसिंग बोर्ड में नियुक्तियां नहीं हुईं। केवल मप्र.पर्यटन विकास निगम में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हुई थी।

cabinet expansion : नीतिगत निर्णय नहीं हो पा रहे

जेडीए में अध्यक्ष का प्रभार लंबे समय से प्रशासकों के हाथ में है। संभागायुक्त के पास पदेन अध्यक्ष की जिम्मेदारी होती है। उन्हें पूरे संभाग की जिम्मेदारियों के साथ ही कमिश्नर कोर्ट के प्रकरणों को भी देखना होता है। ऐसे में पदेन अध्यक्ष प्राधिकरण के कामों पर फोकस नहीं कर पाते। यही कारण रहा है कि पिछले पांच साल में जेडीए की किसी एक नई योजना में भी विकास का काम गति नहीं पकड़ सका है। हद तो ये है कि प्राधिकरण में गिनती के नियमित कर्मचारी रह गए हैं। नगर के मास्टर प्लान का पालन करने के लिए मुख्य रूप से निर्माण एजेंसी होने के बावजूद यहां तकनीकी अधिकारी भी गिनती के बचे हैं। आउटसोर्स के कर्मचारियों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। इसी तरह से महाकौशल क्षेत्र के विकास के लिए गठित एमडीए में अध्यक्ष का पद वर्षों से खाली है।

cabinet expansion : 4 मार्च 2024 को गठित हुई थी एमआईसी

4 मार्च 2024 को नगर सरकार एमआईसी सदस्यों के साथ गठित हुई थी। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने नगर सरकार में डॉं. सुभाष तिवारी सामान्य प्रशासन विभाग व राजस्व विभाग, दामोदर सोनी जल कार्य व सीवरेज विभाग और शहरी गरीबी उपशमन विभाग, विवेक राम सोनकर लोक निर्माण व उद्यान विभाग, योजना और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, अंशुल राघवेन्द्र यादव वित्त व लेखा विभाग, विद्युत व यांत्रिकी विभाग, रजनी कैलाश साहू स्वच्छता व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, यातायात और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद से अब तक एमआईसी का विस्तार नहीं हो सका है।

एमआईसी के विस्तार के लिए पार्टी संगठन व वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों से चर्चा हुई है, जल्दी ही इस संबंध में निर्णय होगा।

  • जगत बहादुर सिंह अन्नू, महापौर

नगरीय निकाय में एल्डरमेन की नियुक्ति हों इसके लिए जल्दी ही संगठनात्मक स्तर पर होमवर्क शुरू किया जाएगा। निगम, मंडलों में नियुक्ति के संबंध में निर्णय प्रदेश संगठन स्तर पर होना है।

  • रत्नेश सोनकर, नगर भाजपा अध्यक्ष
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