जबलपुर नगर निगम: बारिश नहीं झेल पाए सडक़ किनारे लगे पेवर ब्लॉक, टूटने लगी कतार
जबलपुर. शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के चक्कर में नगर निगम कहीं भी कैसे भी और कुछ भी काम करने में लगा हुआ है। न तो उन्हें बेतरतीब निर्माण कार्यों से मतलब है और न ही उसकी गुणवत्ता प ही कोई ध्यान दिया जा रहा है। यही वजह है कि शहर के अधिकतर निर्माण कार्य पूर्ण होते ही उखडऩे या टूटने लगते हैं। ताजा मामला मेडिकल पिसनहारी की मढिय़ा से सगड़ा रोड के किनारे लगने वाले पेवर ब्लॉक्स का है। जो लगते ही उखडऩे वा टूटने लगे हैं। लाखों रुपयों की लागत से लगाए जा रहे पेवर ब्लॉक्स की क्वालिटी पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगोंने इसकी शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों को भी दी है, लेकिन अब तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
पिसनहारी की मढिय़ा से सगड़ा तक सडक़ के दोनों छोर पर लगाए जा रहे, दो महीने में ही खिबरने लगे
नहीं पहुंचे जिम्मेदार, बिखर रहे किनारे
मेडिकल चौक पिसनहारी की मढिय़ा से सगड़ा तक सडक़ के दोनों किनारों पर पेवर ब्लॉक्स लगाए गए हैं। जिन्हें बिछाने वाले ठेकेदार ने सारे नियमों को ताक में रखकर डस्र्ट पर सीधे बिछा दिए हैं। जबकि नियमानुसार इन्हें दोनों तरफ से कसा जाना या बंधान किया जाना चाहिए। एक तरफ बिना बंधान के रहने से ये हिलने लगे हैं। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश में इनके नीचे की डस्र्ट बहने लगी है। साथ ही लोगों का आना जाना, वाहनों की पार्किंग आदि होने से किनारे टूटने व ब्लॉक्स बिखरने लगे हैं। 15 दिन पहले भी स्थानीय व्यापारियों ने ठेकेदार से इनके किनारों को बांधने के लिए कहा था, साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को भी सूचित किया था। किंतु आज तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
दो करोड़ की लागत से बना रहे
जानकारी के अनुसार पिसनहारी की मढिय़ा से सगड़ा चौक तक करीब दो करोड़ रुपए की लागत से पेवर ब्लॉक्स लगाने का काम हो रहा है। शुरुआती चरण में लगे अधिकतर ब्लॉक्स को लगे दो महीने भी नहीं हुए हैं। लापरवाही पूर्वक हो रहे निर्माण कार्य की स्थानीय पार्षदों व जिला योजना समिति के सदस्यों ने इसकी शिकायत महापौर, निगमायुक्त से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ब्लॉक्स खिसकने से कई वाहन चालक भी फिसलकर गिर चुके हैं।