जबलपुर

#fancy_saree महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में बढ़ रही जबलपुर की साड़ियों की डिमांड

#fancy_saree महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में बढ़ रही जबलपुर की साड़ियों की डिमांड  

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Nov 15, 2023
Jabalpuri sarees

जबलपुर. महाराष्ट्र व दक्षिण भारत में महिलाओं की पसंद कॉटन साड़ी का उत्पादन शहर में बढ़ रहा है। पहले भी पावरलूम में ये तैयार होती थीं। लेकिन मांग बढ़ने से अतिरिक्त् इकाइयां स्थापित हो गई हैं। निर्माताओं को धागा को-ऑपरेटिव सोसायटी के जरिए मिल रहा है। अब रोज 12 से 15 सौ साड़ी बन रही हैं।

तीन सौ से अधिक चल रहे पावरलूम
शहर में अभी 300 से अधिक पावरलूम का संचालन किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से साड़ी, लुंगी, अस्पतालों के लिए चादर, गमछा, पर्दे और चादर आदि बनते हैं। कुछ इकाईधारी दूसरे प्रकार के कपड़े तैयार कर रहे हैं। लेकिन, साड़ी की तरफ रुझान तेजी से बढ़ रहा है। यह कॉटन और ब्लेंडेड यार्न से तैयार की जाती है। इसकी वजह इस साड़ी की बढ़ती मांग है।

सैकड़ों को मिला रोजगार
साड़ी उत्पादन में लोगों को अच्छा रोजगार मिल रहा है। पावरलूम में प्रत्यक्ष 300 लोगों को रोजगार मिला है। अप्रत्यक्ष रूप से 500 कारीगर और श्रमिक काम कर रहे हैं। माल तैयार होते ही महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों के व्यापारियों के सप्लाई कर दिया जाता है। इस क्षेत्र में एक को-ऑपरेटिव सोसायटी भी काम कर रही है। निर्माताओं को सस्ता धागा और यार्न दिलाया जा रहा है। पहले यह 440 रुपए प्रतिकिलो मिलता था, अब 370 रुपए में दिलाया जा रहा है।

ब्रॉन्ड बनाने की हो रही तैयारी
सोसायटी के चेयरमैन अशफाक अंसारी ने बताया कि साड़ी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ताकि, इकाईधारकों के पास पहले से ज्यादा काम हो। उन्हें सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसका मकसद यह है कि उत्पाद बढे़।

Published on:
15 Nov 2023 01:01 pm
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