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काली विसर्जन का वीडियो वायरल, महिला पर चढ़ाया ट्रक, बाइक में लगाई आग- देखें वीडियो

काली विसर्जन का वीडियो वायरल, महिला पर चढ़ाया ट्रक, बाइक में लगाई आग- देखें वीडियो

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kali visarjan jabalpur 2018 ka viral video

kali visarjan jabalpur 2018 ka viral video

जबलपुर। जबलपुर की महारानी पड़ाव वाली महाकाली के विसर्जन में हुआ तांडव शहर में कभी न भूलने वाले पलों में कैद हो गया है। इसमें एक ओर जहां लोग पुलिस व प्रशासन पर अमानवीय होने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक लाइव वीडियो से समिति व श्रद्धालुओं की पोल भी खुल गई है। इन दो वीडियो में समिति की मनमर्जी व भक्तों की उद्दंडता भी दिखाई दे रही है।
पहले वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि किस तरह से पुलिस के बेरिकेट्स लगे होने के बावजूद माता काली का ट्रक चला रहे चालक ने बिना किसी की परवाह किए आगे बढ़ा दिया। जिसकी चपेट में एक महिला व पुलिस कर्मचारी आते आते बाल बाल बचे। ट्रक को चालक ने सीधे बेरिकेट्स के साथ लगाई गई जेसीबी से भिड़ा दिया। जिसके बाद बवाल शुरू हो गया।

वहीं दूसरे वीडियो में उपद्रव कर रहे भक्तों द्वारा वाहनों को आग के हवाले करते दिखाया गया है। इसमें पत्थरबाजी की शुरुआत भी दिखाई दे रही है। जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लोगों की भीड़ को वहां से खदेड़ दिया। दोनों वीडियो व अन्य रिकॉडिंग के आधार पर पुलिस ने करीब 500 लोगों को चिन्हिंत किया है। वहीं 50 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इनमें 31 को रात तक गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

साढ़े तीन घंटे चला बवाल
लगभग एक घंटे तक पुलिस बैकफुट पर रही। साढ़े आठ बजे के लगभग अतिरिक्त बल घटनास्थल पर पहुंचा, तब पुलिस रौद्र रूप में आ गई। गलियों तक में खदेड़-खदेड़ कर लाठी भांजी। रेतनाका से ही ट्रैफिक पुलिस ने बैरीकेटिंग कर आवागमन बंद कर दिया। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र खाली हो गया। आसपास के लोग घरों में कैद हो गए।

कांचघर का युवक गायब
महाकाली प्रतिमा के साथ निकला कांचघर का गुरुगायब हो गया है। उसका शाम तक पता नहीं चलने पर परिजन ने घमापुर थाने में गुमशुदगी की सूचना दी है।

49 नामजद प्रकरण
पुलिस ने समिति अध्यक्ष चंद्रा पांडे, उसके दामाद सहित चिन्हित 49 लोगों को नामजद और 500 अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। घटनास्थल से प्रभुनाथ, विमल सिंह, समीर, रामलाल, अभिषेक, अजय सोनकर, कृष्णा सहित 31 लोग गिरफ्तार हुए।

पुलिस का मेडिकल
सीएमएचओ डॉ.़ एमएम अग्रवाल ने बताया कि ग्वारीघाट में हुए पथराव के मामले में डॉक्टरों की टीम ने मौके पर जाकर प्राथमिक इलाज एवं मेडिकल परीक्षण किया। 12 घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल किया गया।

दर्ज कराई शिकायत
एसडीएम मनीषा वास्कले की शिकायत पर समिति व अन्य के खिलाफ धारा 188 का प्रकरण दर्ज कराया गया है। एक शिकायत स्थानीय निवासी ने भीड़ के पथराव में सिर फटने पर दर्ज कराई है।

तोडफ़ोड़ और तनाव का मंजर
झंडा चौक से ग्वारीघाट मार्ग पर पार्क स्थानीय निवासी की कार एमपी 20 एफए 7975 को क्षतिग्रस्त कर दिया।
भीड़ ने एक दीवार ढहा दी।
ग्वारीघाट थाने में घुसकर कुर्सी-मेज व अन्य सामग्री तोड़ दी। गमले फेंक दिए।
9.30 बजे लटकारी के पड़ाव की मूर्ति को थाने के सामने से होकर भटौली कुंड ले जाया गया।
समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रतिमा का विसर्जन कराया गया।
घटना के दौरान कांचघर और कछपुरा की काली प्रतिमाएं भी फंस गई थीं।
पुलिस प्रशासन ने इन प्रतिमाओं का भी विसर्जन कराया।
विवाद के बाद सब्जियां छोड़ दुकानदार भागे।
कई नाबालिग और समिति से जुड़े 30 लोगों को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार किया है।
प्रतिमा लटकारी का पड़ाव से सोमवार शाम चार बजे निकली थी
आठ किमी की दूरी तय करने में 16 घंटे लग गए।
आयोजन समिति के सदस्य ने ग्वारीघाट में आरक्षक प्रभुनाथ यादव के सिर पर तलवार से वार किया।
ट्रक की टक्कर से निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव को चोटें आई हैं।
पटवारी ज्योति जगदीश का सिर फट गया।

अधिकारियों और समिति का दावा

एनजीटी के निर्देश के चलते प्रतिमा को नर्मदा में विसर्जन की अनुमति जिला प्रशासन ने नहीं दी थी। समिति के लोगों ने जबरन गाड़ी मोड़ दी। कुछ पुलिस के जवान गाड़ी के नीचे आ गए। इस पर हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। 25 के करीब लोगों को हिरासत में लिया गया। आयोजन समिति के सभी लोगों को आरोपित बनाया गया है। छह जवानों के सिर फटे हैं।
अमित सिंह, एसपी
समिति अध्यक्ष और उपद्रवियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दी गई है। घटना की पूरी जांच करायी जाएगी। जिस तरह से ईंट-पत्थर फेंके गए, वह पूर्वनियोजित प्रतीत हो रहा है।
छवि भारद्वाज, कलेक्टर
ग्वारीघाट में महाकाली के विसर्जन के दौरान उपद्रव की घटना में समिति का कोई भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था। जहां प्रशासन चाहता वहां हम विसर्जन करने के लिए तैयार थे।
अखिल राज, अध्यक्ष