2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कार्तिक का महीना: एक महीने में होंगे 14 त्यौहार, गोपियों का शुरू हुआ व्रत

कार्तिक का महीना: एक महीने में होंगे 14 त्यौहार, गोपियों का शुरू हुआ व्रत

2 min read
Google source verification
kartik month 2022

kartik month 2022

जबलपुर। भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय माह कार्तिक सोमवार से शुरू हो गया है। इसे व्रत त्यौहारों का महीना भी कहा जाता है। इस माह में करीब 14 व्रत व त्यौहार आएंगे। वहीं कार्तिक व्रतधारी गोपियों ने का एक महीने तक चलने वाला व्रत भी शुरू हो गया है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि इस माह में व्रत रखने से भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही तुलसी पूजा से परिवार में सुख संपदा व निरोगी काया की प्राप्ति भी होती है।

दामोदर मास के नाम से भी प्रसिद्ध है ये महीना, श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने होंगे विविध व्रत, पूजन

ज्योतिषाचार्य पं. जनार्दन शुक्ला के अनुसार कार्तिक माह को दामोदर मास के नाम से भी जाना जाता है। कार्तिक का महीना 8 नवंबर को पूर्णिमा तिथि तक चलेगा। श्रीकृष्ण प्रिय इस माह में भगवान का तुलसी दल या पत्ती से अर्चन व सहस्त्रार्चन करने का महत्व बताया गया है। इससे प्रभु शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

पूरे महीने तीज, त्यौहार
पं. जनार्दन शुक्ला के अनुसार कार्तिक माह को त्यौहारों का महीना भी कहा जाता है। इसी माह में साल के सबसे ज्यादा तीज, त्यौहार व व्रत आदि आते हैं। जिसकी शुरुआत 13 अक्टूबर को करवा चौथ से होगी। इसके बाद 18 को राधाष्टमी, 21 को गोवत्स द्वादशी, 22 को धनतेरस, 23 रूप चौदस या नरक चौदस, 24 को दीपावली, 25 को अमावश्या के साथ सूर्यग्रहण, 26 को अन्नकूट, 27 को यमद्वितीया, भाईदूज, 1 नवंबर को गोपाष्टमी, 2 आंवला नवमीं, अक्षय नवमीं, 4 को देवउठनी एकादशी, 7 को बैकुंठ चतुदर्शी, 8 को स्नान-दान कार्तिक पूर्णिमा के साथ कार्तिक माह का समापन होगा।

कथाओं के श्रवण का महत्व
कार्तिक माह में सत्यनारायण व्रत कथा, भागवत कथा, कार्तिक मास कथा एवं देवदर्शन का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में श्रीकृष्ण भगवान गौलोक धाम से धरती पर भ्रमण करने आते हैं। जो भक्ति भाव से प्रसन्न होकर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। यही वजह है कि बहुत सी महिलाएं गोपियां बनकर उनका पूरे माह व्रत पूजन करती हैं। वे ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करने के बाद सूर्योदय होते ही पूजन वंदन में लग जाती हैं। शहर में कई स्थानों पर गोपियों के सामूहिक पूजन देखे जा सकते हैं। वे सामूहिक पूजन में श्रीकृष्ण भजनों से अपने आराध्य को मनाने लगी हैं।