
BJP mla sanjay sharma Kidney
जबलपुर. नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में प्रस्तावित किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा खटाई में पड़ गई है। किडनी के मरीजों को आधुनिक जांच और उपचार सुविधा देने के लिए अस्पताल में नेफ्रोलॉजिस्ट के 10 पद स्वीकृत है। इन पदों पर नियुक्ति में संबंधित विषय विशेषज्ञ चिकित्सक दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। नेफ्रोलॉजिस्ट के अभाव में सुपर स्पेशलिटी में किडनी की बीमारी से पीडि़त मरीजों के उपचार की व्यवस्था की शुरुआत पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
news facts- नेफ्रोलॉजिस्टके 10 पदों पर एक भी चिकित्सक ने नहीं किया आवेदन
सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट पर संकट
दूसरी बार भी कोई आवेदन नहीं-
सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में नेफ्रोलॉजी के विशेषज्ञ के लिए प्रोफेसर और असिसटेंट प्रोफेसर के दो-दो एवं एसोसिएट प्रोफेसर के छह पद स्वीकृत किए गए हैं। कुल 10 पदों पर अगस्त महीने में की गई भर्ती प्रक्रिया में भी कोई चिकित्सक नहीं मिले थे। इसके बाद बीते महीने दोबारा अपनाई गई भर्ती प्रक्रिया में भी नेफ्रोलॉजिस्ट के लिए किसी विषय विशेषज्ञ चिकित्सक का आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
राज्य सरकार ने सुपर स्पेशिएलिटी डॉक्टर्स को सरकारी अस्पताल में नियुक्ति के लिए पहली बार मोटा सैलरी पैकेज ऑफर किया है। तीन लाख रुपए तक मासिक वेतन के साथ ही कई प्रकार के इंसेंटिव देने का प्रावधान किया है। इसके बावजूद नेफ्रोलॉजिस्ट सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में नौकरी में दिलचस्पी नहीं ले रहे है। जानकारों के अनुसार नेफ्रोलॉजिस्ट की संख्या कम और मांग अधिक है। प्राइवेट सेक्टर में नेफ्रोलॉजिस्ट को अपेक्षाकृत तीन गुना वेतन मिल रहा है। राज्य सरकार ने सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के चिकित्सकों की प्राइवेट प्रेक्टिस प्रतिबंधित की है।
यह है स्थिति
01 सौ करोड़ रुपए का सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल प्रोजेक्ट
101 पद सुपरिटेंडेंट सहित चिकित्सकों के पद स्वीकृत
25-25 पद प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के लिए है
50 पद असिसटेंट प्रोफेसर्स के लिए निर्धारित किए गए है
25 आवेदन आए है 30 अगस्त की डेडलाइन तक
यह है स्थिति
150 करोड़ का प्रोजेक्ट
100 कुल पद
200 बिस्तर की क्षमता,
20 बेड आइसीयू में
91 पद चिकित्सक के खाली है अभी अस्पताल में
47 डॉक्टर्स ने खाली पदों के लिए आवेदन किया है
10 पद नैफ्रोलॉजी के, इसके लिए कोई आवेदन नहीं
10 करोड़ के नैफ्रॉलॉजी, यूरोलॉजी के उपकरण
निजी अस्पतालों में महंगा इलाज
हॉस्पिटल में हार्ट, किडनी और न्यूरो संबंधी बीमारी के उपचार के लिए सुपर स्पेशिएलिटी सुविधाएं मुहैया कराने का प्रस्ताव है। इनसे संबंधित बीमारियों का उपचार निजी अस्पतालों में बेहद महंगा है। किडनी संबंधी बीमारियों के उपचार और जांच के लिए कई आधुनिक उपकरण और संसाधन जुटाएं गए है। अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट का भी प्रस्ताव है। लेकिन, सुपर स्पेशिएलिटी डॉक्टर्स के नहीं मिलने से बड़ी सुविधाओं के साथ ही निगरानी के अभाव में डायलिसिस जैसी सुविधा पर भी असमंजस बन गया है।
नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में नेफ्रोलॉजिस्ट के कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुए है। यह एक अहम विभाग है। विशेषज्ञ चिकित्सक के बिना मरीजों को कई आधुनिक उपचार की सुविधा देना मुश्किल होगा। लेकिन प्रयास जारी है कि विशेषज्ञ चिकित्सक जल्द नियुक्ति हो।
- डॉ. वायआर यादव, डायरेक्टर, सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल
Published on:
05 Jan 2019 11:02 am

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