
डॉक्टर ने फेसबुक वाल पर बयां किया दर्द
जबलपुर। कांग्रेस के प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखने वाली विक्टोरिया जिला अस्पताल में पदस्थ एक लेडी डॉक्टर ने भाजपाई गुंडागर्दी से आहत होकर सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही लेडी डॉक्टर ने अपनी फेसबुक वाल पर घटना का जिक्र करते हुए ऐसी बातें लिखी, जिसने प्रदेश में राजनीति भूचाल ला दिया है। डॉ. रचना शुक्ला ने अस्पताल में अपने साथ तीन माह पहले हुए बुरे बर्ताव को लेकर लिखा है कि मैं कांग्रेस से जुड़े एक इज्जतदार परिवार से संबंध रखती हूं। इस वाकए के बाद मेरा परिवार बेइंतहा आहत है। एक पूर्व सीएम के परिवार से होने के बाद भी तीन माह बाद भी इस मामले में एफआईआर तक इस मामले में दर्ज नहीं हुई है। इस सिस्टम से नाराज हूं। मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।
भाजपा नेता के समर्थक थे
लेडी डॉक्टर के साथ घटना 5 फरवरी, 2018 की रात को हुई। उनकी कैजुअल्टी में नाइट ड्यूटी थी। इसी दौरान एक बीमार बच्ची को लेकर कुछ लोग आए। डॉक्टर का आरोप है कि मरीज का उपचार कराने के लिए उसके साथ आए युवक नशे में धुत्त थे। उन्होंने पहले कैजुअल्टी में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद मरीज के परिजन ओमती पुलिस थाने पहुंचे। जहां, मरीज के परिजनों के साथ आए युवकों ने स्वयं को एक भाजपा नेता का समर्थक बताते हुए लेडी डॉक्टर को अपशब्द कहे। युवकों ने खुलेआम कहा कि आपकी इज्जत ले लेंगे। इस दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही।
दिग्गज राजनीतिक घराने की बहू
डॉ. रचना शुक्ला विक्टोरिया जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर हैं। वे प्रदेश के जाने-माने दिग्गज राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखती हैं। उनका विवाह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्यमाचरण शुक्ल के भाई ईश्वरीचरण शुक्ला के बेटे के साथ हुआ है। इस लिहाज से डॉ. रचना पूर्व मुख्यमंत्री की बहू हैं। उनके परिवार के कई सदस्य मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं।
त्यागपत्र में लिखी ये बातें
डॉ. रचना ने अपना त्यागपत्र 7 मई को पब्लिक हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर के डायरेक्टर को भेजा। इसमें लेडी डॉक्टर ने लिखा है कि उनके द्वारा भाजपा नेता के स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने दो-दो बार अभद्रता की। उन्होंने खुलेआम कहा कि तुम्हारी इज्जत ले लेंगे। पत्र में लेडी डॉक्टर ने अपशब्द और अभद्र भाषा को शब्दश: लिखा है। जिसे प्रकाशित करना संभव नहीं है। पूरे घटनाक्रम के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने का दावा करते हुए लेडी डॉक्टर ने कहा है कि उनके साथ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट का पूर्णत: उल्लंघन हुआ है।
डॉक्टर ने बंद कर दिया था कामकाज
डॉ. रचना के साथ मरीज के परिजनों के बुरे बर्ताव के बाद नाराज अस्पताल के चिकित्सकों ने काम बंद कर दिया था। प्रशासनिक जिम्मेदारों के हस्तक्षेप और अभद्रता करने वालों पर उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद चिकित्सक काम पर लौटे थे। लेकिन तीन माह का लंबा समय बीत जाने के बाद भी इस मामले में पुलिस ने शिकायत तक दर्ज नहीं की। इससे आहत डॉ. रचना सोमवार को जब अस्पताल नहीं पहुंचीं तो उनके इस्तीफे और चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
Published on:
07 May 2018 10:30 pm

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