साड़ी और ड्रेस मटेरियल में सबसे ज्यादा यूज
जबलपुर. रेट्रो लुक का ट्रेंड फैशन में फिर से लौट रहा है। इसके चलते कभी 70टीज का फैशन ट्रेंड में इन दिखता है, तो कभी 80टीज और 90टीज का फ्रिल वर्क सिटी गल्र्स द्वारा पहना जाता है। इसमें पलाजो और जैगिंग-लैगिंग्स बेस्ट एक्जेम्पल है। डे्रसेज में इसी तरह का ट्रेंड मिरर वर्क के रूप में दिख रहा है। इसके चलते ड्रेसेज की हर वैरायटीज में मिरर वर्क लोगों के लुक के साथ स्टाइल को भी बढ़ा रहा है। मिरर वर्क का सबसे ज्यादा यूज साड़ी और सलवार सूट में देखने को मिल रहा है। इसका उपयोग साड़ी और दुपट्टों पर बॉर्डर के साथ हैवी वर्क के लिए किया जा रहा है।
बॉर्डर से लेकर पल्ला तक
वेडिंग सीजन के चलते सिटी मार्केट में मिरर वर्क से जुड़े हुए कई तरह के आउटफिट्स के कलेक्शन शामिल किए गए हैं। खासतौर पर साड़ीज में इसका यूज सबसे ज्यादा हो रहा है। दुल्हन लहंगों से लेकर दुल्हन साड़ीज और साइड साड़ीज के लिए मिरर वर्क मोस्ट फेवरिट है। बॉर्डर से लेकर पल्ले तक में इसका यूज अट्रैक्टिव लुक देता है।
पहले सिर्फ गुजराती परिधानों में
मिरर वर्क का उपयोग पहले सबसे ज्यादा गुजराती परिधानों में ही किया जाता था, लेकिन अब वेडिंग सीजन के खास कलेक्शन में इसका यूज हो रहा है। कुर्तीज से लेकर सलवार सूट में इसका उपयोग हो रहा है। परिधानों का अट्रैक्टिव बनाने के लिए वेडिंग सीजन के लिए ज्यादातर गल्र्स इस पैटर्न के ड्रेसेज पहन रही हैं।
सिम्पल दुपट्टे को बनाना स्टाइलिश
आजकल लोग सिम्पल सूट में मिरर वर्क वाले दुपट्टे को भी कैरी करना पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही मिरर कोटी भी सिम्पल लुक के बीच पंजाबी लुक देने का काम करती है। मार्केट में इनकी कीमत 250 रुपए से 500 रुपए तक है। गर्मियों में साड़ी व सूट का यह फैशन फीमेल्स को काफी पसंद आ रहा है।