जबलपुर

तीन रुपए के कैरी बैग के लिए चार साल लड़ी कानूनी लड़ाई

जबलपुर उपभोक्ता आयोग में मिली जीत    

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Sep 17, 2023
Court of District Sessions Judge verdict….life imprisonment of murderar

जबलपुर। सुपर बाजार से लेकर कपड़े, जूते सहित अन्य शोरूम में कैरी बैग के लिए अलग से चार्ज किया जाने लगा है। यहां रोजाना सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। लेकिन, कम ही देखा गया है कि इसके विरुद्ध कोई आवाज उठाए। ऐसे में शहर के एक उपभोक्ता की कोशिश चर्चा में है। उसने न केवल इसके विरुद्ध आवाज उठाई, बल्कि उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर कर इंसाफ भी हासिल किया।

उक्त मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने अनुुचित व्यापार प्रथा व सेवा में कमी के रवैये को गम्भीरता से लेते हुए उपभोक्ता के पक्ष में राहतकारी आदेश पारित किया। इसके तहत बाटा शोरूम, अंधेरदेव को आदेश दिया कि 45 दिन के भीतर कैरी बैग के तीन रुपए भुगतान किए जाएं। मानसिक पीड़ा के एवज में तीन हजार व मुकदमे का खर्च दो हजार भी अदा किया जाए। यह मामला 2019 में दायर हुआ था। चार साल बाद इंसाफ मिला।

आयोग के अध्यक्ष पंकज यादव व सदस्य अमित सिंह तिवारी की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान परिवादी जयप्रकाश नगर, अधारताल निवासी शिरीष कुमार दुबे की ओर से अधिवक्ता शशांक शुक्ला ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि 2019 में परिवादी ने जूते खरीदे थे। उसकी कीमत 1699 थी। लेकिन, उनसे 1702 रुपए वसूल लिए गए। दरअसल, तीन रुपए कैरी बैग की कीमत ली गई थी। परिवादी का तर्क था कि कैरी बैग नि:शुल्क मुहैया कराने का दायित्व दुकानदार का था। लेकिन, उसने अनुचित रुपए ले लिए। दुकानदार से बात करने की कोशिश, लेकिन उसने सही जवाब नहीं दिया। तब उपभोक्ता फोरम में जाने का निर्णय लिया था।

Published on:
17 Sept 2023 08:53 pm
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