
Mp High Court Jabalpur
जबलपुर। मंदसौर के पिपल्या मंडी में बैंक डकैती के आरोप में निचली अदालत से सजा पाए सिमी आतंकवादी मोहम्मद साजिद उर्फ शेरू के पिता अब्दुल सत्तार ने बेटे को जमानत दिलाने के लिए हाईकोर्ट में न केवल झूठा शपथपत्र, बल्कि बेटी की शादी का फर्जी कार्ड भी पेश कर दिया। कोर्ट ने सत्यापन कराया तो सच सामने आ गया। जस्टिस सुजय पॉल व जस्टिस अंजुलि पालो की डिवीजन बेंच ने इसे प्रथम दृष्टया इसे अवमानना का मामला मानते हुए सत्तार को अवमानना नोटिस जारी कर 10 फरवरी को कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दे दिया।
यह है मामला-
अभियोजन के अनुसार 1 जून 2010 की शाम को मंदसौर के पिपल्या मंडी में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंदौर की शाखा में जाकिर, मोहम्मद असलम, शेख मुजीब, मोहम्मद एजाजुद्दीन, अबु फैजल, मोहम्मद इकरार और मोहम्मद साजिद ने बैंक कर्मचारियों से मारपीट कर उन्हें बंधक बनाया। बैंक में रखे कटे फटे नोट वाले 84 हजार रुपए और 16,339 रुपये नकद लूट लिए थे। पिपल्या मण्डी पुलिस ने डकैती, लूट, आम्र्स एक्ट और विधि विरुद्ध कार्यकलाप का अपराध कायम किया। आरोपियों को 2013 में सेंधवा से गिरफ्तार किया गया। इनमें से तीन आतंकी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। बाद में मामला भोपाल स्थित विशेष न्यायालय स्थानांतरित कर दिया गया। 21 जून 2018 को विशेष न्यायाधीश गिरीश दीक्षित की कोर्ट ने सिमी सरगना अबु फैजल सहित स्टुडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आतंकियों मोहम्मद इकरार और हरी फाटक, बेगमबाग कॉलोनी उज्जैन निवासी मोहम्मद साजिद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा के खिलाफ आरोपी मोहम्मद साजिद की ओर से यह अपील पेश की गई।
एक साल पहले हुई बेटी की शादी- सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता आरोपी साजिद के पिता अब्दुल सत्तार ने शपथपत्र के साथ एक आवेदन पेश कर कहा कि उसकी पुत्री का विवाह 15 दिसंबर 2019 को होना है। इसलिए साजिद को अस्थायी जमानत दी जाए। लेकिन सत्यापन के दौरान झूठ का पर्दाफाश हो गया। हाईकोर्ट को पता चला कि जिस बेटी की शादी का कार्ड पेश किया गया है, उसका विवाह एक वर्ष पूर्व ही हो चुका है। कोर्ट ने अपीलकर्ता की अधिवक्ता शिमला जैन को नोटिस की प्रति लेकर तीन सप्ताह में जवाब पेश करने का निर्देश दिया। सरकार का पक्ष शासकीय अधिवक्ता सोम मिश्रा ने रखा।
Published on:
11 Jan 2020 06:55 pm
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