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एलएलबी: यहां होती सबसे सस्ती वकालत की पढ़ाई, दूर दूर से आते हैं छात्र!

एलएलबी: यहां होती सबसे सस्ती वकालत की पढ़ाई, दूर दूर से आते हैं छात्र!

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जबलपुर. बड़ी महत्वाकांक्षा के साथ जबलपुर में वकालत की पढ़ाई के लिए विशेष रूप से खोली गई धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (डीएनएलयू) जिले व आसपास के विधि छात्रों की अपेक्षाओं पर खरी साबित नहीं हो पा रही है। डीएनएलयू से बीएएलएलबी की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवीवी) और इससे सम्बद्ध लॉ कॉलेजों की अपेक्षा दस गुना महंगी पड़ रही है। डीएनएलयू में छात्रों की अपेक्षा छात्राओं से सालाना बीस हजार रुपए सिर्फ एसी के नाम पर अधिक लिए जा रहे हैं।

news facts-

आरडीवीवी व अन्य लॉ कॉलेजों की ओर विद्यार्थियों का रुझान बरकरार
डीएनएलयू में वकालत की पढ़ाई दस गुना महंगी, छात्राओं की फीस 20 हजार अधिक


120 सीटों में से 40 फीसदी पर बाहरी- डीएनएलयू में बीएएलएलबी कोर्स की 120 सीटें हैं। इनमें से करीब 60 फीसदी सीटों पर ही 2018-19 में मध्य प्रदेश के छात्रों ने प्रवेश लिया। शेष 40 फीसदी छात्र दूसरे प्रदेशों से थे। जबलपुर और आस-पास के जिलों से छात्रों की संख्या लगभग 30 फीसदी थी।
आरडीवीवी व पांच निजी कॉलेजों में एक हजार सीटें- आरडीवीवी के विधि विभाग और विश्वविद्यालय से सम्बद्ध पांच निजी लॉ कॉलेज जबलपुर में हैं। विश्वविद्यालय और इन कॉलेजों में वकालत की पढ़ाई के लिए तीन वर्षीय एलएलबी और पांच वर्षीय बीएएलएलबी कोर्स संचालित हो रहे हैं। इन कॉलेजों व विवि को मिलाकर बीएएलएलबी कोर्स की एक हजार सीटें हैं।
डीएनएलयू में क्लेट, रादुविवि में प्री टेस्ट नहीं-डीएनएलयू में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाला कॉमन लॉ एंट्रेंस टेस्ट ( क्लैट) देना होता है। सफल होने पर चयनित विकल्प के अनुसार काउंसिलिंग के बाद बीएएलएलबी में प्रवेश होता है। इस वर्ष 26 मई को क्लैट की परीक्षा होनी है। जबकि आरडीवीवी और सम्बद्ध कॉलेजों में हायर सेकंड्री परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट से बीएएलएलबी में प्रवेश दिया जाता है। बीते सत्र के पहले तक आरडीवीवी भी बीएएलएलबी में प्रवेश के लिए प्री-एलएलबी परीक्षा लेता था। 2018-19 सत्र से इसे बंद कर दिया गया। आरडीवीवी में जुलाई में बीएएलएलबी, एलएलबी में प्रवेश होंगे।
&हमारा विश्वविद्यालय आज भी समाज की पहुंच में है। जबलपुर सहित आस-पास के जिलों से जिस तबके के छात्र वकालत पढऩे आते हैं, उन्हें आरडवीवी प्रशासन तवज्जो दे रहा है। फीस स्ट्रक्चर समुचित होने के कारण अभी भी आरडीवीवी से लॉ करने वाले छात्रों का रुझान बरकरार है।
डॉ. ममता राव, एचओडी विधि विभाग, आरडीवीवी


निजी लॉ कॉलेजों, आरडीवीवी का फीस स्ट्रक्चर
कॉलेज वार्षिक फीस
एपीएन लॉ कॉलेज 25-30 हजार
सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्टीट्य़ूट 10-15 हजार
हिकारिणी लॉ कॉलेज 15-20 हजार
नीलकंठ विधि महाविद्यालय 15-20 हजार
मदर टेरेसा लॉ कॉलेज 20-25 हजार
डीएनएलयू में फीस (छात्रावास के साथ)
छात्र : 2.5 लाख
छात्रा : 2.7 लाख रुपए
(नोट फीस रुपए मेें छात्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार)