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बहुत याद आएगी अटलजी की ये बात… नम हुई हर आंख

नहीं रही अटल आवाज, श्रद्धांलियों का दौर

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memoirs of former PM atal bihari vajpayee

memoirs of former PM atal bihari vajpayee

जबलपुर। प्रखर वक्ता, ओजस्वी कवि, प्रभावी नेतृत्वकर्ता और एक सफल प्रधानमंत्री के रूप में पं. अटल बिहारी वाजपेयी हमारे बीच नहीं रहे। उनका कृतित्व और व्यक्तित्व सदा अवस्मरणीय रहेगा। उनकी जीवंतता सदियों तक लोगों की जुबान और मानस पटल पर ताजा रहेगी। जबलपुर से तो उनका खास नाता रहा है। उन्होंने कहा था कि ग्वालियर की तरह जबलपुर भी मेरा अपना शहर है। अपने घर जैसा है। वे कई बार जबलपुर आए और खास से लेकर आम कार्यकर्ता और परिचितों से उसी अंदाज में मिले, जैसा कि प्रधानमंत्री बनने से पूर्व मिलते थे। वर्ष 1999 में जबलपुर आगमन के दौरान तो वे प्रधानमंत्री का प्रोटोकॉल तोड़कर संकरी गलियों से गुजरते हुए तत्कालीन राज्य मंत्री स्व. पं. ओंकार प्रसाद तिवारी के घर पहुंच गए थे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। अटल से जुड़े संस्कारधानी के और भी कई वाकये हैं, जिनमें उनकी आत्मीयता और सहजता के दर्शन होते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री पं. वाजपेयी के निधन की खबर से संस्कारधानी में भी शोक की लहर दौड़ गई है। जगह-जगह श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से दिवंगत आत्मा की चिरशांति के लिए प्रार्थना की जा रही है।

सभा में आए थे पूर्व पीएम अटलजी
उल्लेखनीय है कि 13 सितंबर 1999 को शहर के जाने माने नेता और पूर्व राज्य मंत्री पंडित ओंकार प्रसाद तिवारी का निधन हो गया। यह समय चुनाव का था। इसी दौरान चुनाव प्रचार की एक सभा के सिलसिले में अटलजी तिलकभूमि की तलैया आए हुए थे। उन्हें जैसे ही पं. ओंकार प्रसाद तिवारी के निधन का समाचार मिला तो वे सब कुछ छोड़ कर उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए चले गए। वे सिक्युरिटी प्रोटोकॉल की तमाम बंदिशोंं को दरकिनार करके गली-कुलियों से होते हुए सीधे पूर्व मंत्री स्व. पं. तिवारी की छोटा फुहारा स्थित उनके निवास के समीप आयोजित श्रद्धांजलि सभा में चले गए। बाद में उन्होंने गैरीसन ग्राउंड में आयोजित सभा में भी पं. तिवारी को श्रद्धांजलि दी। इसमें एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे। स्व. ओंकार तिवारी से अपनी आत्मीयता का इजहार करते हुए अटल जी ने कहा था, पं. तिवारी के निधन पर मैं दुखी हूं, शहर और भाजपा ने एक दिलदार और शेर दिल नेता खो दिया है।

सम्मान समारोह में ये बोले
पूर्व प्रधानमंत्री पं. वाजपेयी के साथ बचपन गुजारने वाले और उनके पारिवारिक सदस्य पं. भगवतीधर वाजपेयी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में भी अटल जी जबलपुर आए थे। इस कार्यक्रम में उनके साथ तत्कालीन केन्द्री मंत्री मुरलीमनोहर जोशी भी थे। उन्होंने कहा था कि बटेश्वर (ग्वालियर) से दो वाजपेयी निकले। उनका इशारा पं. भगवतीधर वाजपेयी की ओर था। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तो मूर्धन्य कवित और राजनेता बने। वहीं दूसरे वाजपेयी पं. भगवतीधर पत्रकारिता, साहित्य, वाणिज्य हर क्षेत्र में स्थापित हुए। मानस भवन में अभिनंदन समारोह 'सार्वजनिक जीवन में पं. वाजपेयी के समर्पण के 70 साल) में आयोजित किया गया था। अतिथि डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने पं. अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन के कई संस्मरणों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा था कि आज के दौर में पं. वाजपेयी जैसा निष्ठावान कार्यकर्ता और व्यक्तित्व मिलना मुश्किल है।

यादों में अटल मुस्कान
पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा संगठन के नेता धीरज पटेरिया ने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की है। जिसमें उन्होंने अटल बिहारी बाजपेयी के जबलपुर आगमन की यादें ताजा की हैं। उन्होंने लिखा है- ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे कल की ही बात हो जब मेरी मुलाकात युग पुरूष श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी से हुई थी। जब अटल जी प्रधानमंत्री थे उस स्वर्णिम काल के दौरान उन्होंने अपना कीमती वक्त मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता के लिए निकाला था। मुझे आज भी याद है वो मुझसे बात करते जा रहे थे और मैं उनके प्रति अतिसम्मान के दृष्टिकोण से अपना सिर झुकाकर उनकी बातों का जवाब दे रहा था । माननीय अटल जी हमेशा से मेरी स्वच्छ तरीके से राजनीति करने के प्रेरणास्रोत रहे हैं ।

शहर से था खास लगाव
इतिहासकार राजकुमार गुप्ता बताते हैं कि अटल जी को जबलपुर से खास लगाव था। भाजपा नेता पं. भगवतीधर वाजपेयी से अन्य मित्रों के यहां पर उनका अक्सर आना-जाना रहता था। उन्होंने कई बार यहां रात्रि विश्राम भी किया। उनकी यात्राओं ने भाजपा को एक नया जोश प्रदान किया। राजनीति का नया पन्ना इतिहास में दर्ज हुआ और वाजपेयी के सहयोगियों की संख्या शहर में बढ़ती ही गई।

श्रद्धांजलियों का दौर
अटलजी के निधन की खबर से शहर शोक की लहर दौड़ गई। मानस पटल पर उनकी स्वर्णिम यादें पुन: उभर आईं। हर आंख नम हो गई। भाजपा तो ठीक विपक्ष दलों के नेताओं ने अटलजी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके लिए ईश्वर से प्रार्थना की। भाजपा के नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर, जेडीए अध्यक्ष डॉ. विनोद मिश्रा, विधायक इंदु तिवारी, अशोक रोहाणी, ूपूर्व मंत्री अजय विश्नोई, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडेय समेत अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।