जबलपुर

#MigratoryBird जबलपुर में आने लगे विदेशी पक्षी, यहां बनाए आशियाने

शरद का संदेशा लेकर आए प्रवासी मेहमान

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Nov 02, 2023
Migratory Bird

जबलपुर. शरद ऋतु के आगमन की आहट होते ही प्रवासी मेहमानों ने शहर में डेरा डालना शुरू कर दिया है। उनकी चहचहाहट से आसपास के जंगल गूंज रहे हैं। वहीं पक्षी व पर्यावरण प्रेमी उनकी एक तस्वीर कैमरों में कैद करने के लिए निकल पड़ी है। उनका मानना है कि प्रवासी पक्षियों के आने का मतलब मौसम में परिवर्तन से है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी इनके आने का सिलसिला जारी रहेगा। दिसम्बर मध्य तक इनका आना लगा रहेगा, ये यहां पर अपना घोसला बनाकर अंडे देंगे और बच्चे होने के बाद गर्मियों की शुरुआत मार्च-अप्रैल में अपने देश लौट जाएंगे। नर्मदा समेत आसपास के जंगल इनके पसंदीदा स्थानों में शामिल हैं, जहां ये बहुतायत संख्या में अपना निवास बनाते हैं।

पहली बार दिखा रस्टी-टेल्ड फ्लाईकैचर
वर्ड वॉचर डॉ. आमिर नसीराबादी ने बताया वैसे तो सर्दियों में कई देशों के प्रवासी पक्षी जबलपुर की जलवायु से प्रभावित होकर अपना आशियाना बनाते हैं, लेकिन इन सर्दियों के शुरुआत में ही जबलपुर में पहली बार रस्टी-टेल्ड फ्लाईकैचर भी आया है। जो पक्षी विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ। ये मदन महल की पहाड़ियों में देखा गया है।

ये पक्षी आए शहर
शरद ऋतु में शहर के नर्मदा तटों, कछार, बरगी, डुमना, मदन महल की पहाड़ियों के जंगलों व जल सरोवरों के आासपास प्रवासी पक्षी आने लगे हैं। इनमें वेरडीट्टर फ्लाईकैचर, ग्रे वागटेल, अल्ट्रामरीन फ्लाईकैचर, रस्टी टेल्ड फ्लाईकैचर, वेस्टर्न क्राउड वार्बलर, टिकेल्स थ्रश, ग्लोशी आईबिस, पेरेग्रेन फाल्कन शामिल हैं।

ज्यादा आने की उम्मीद
वर्ड वॉचर डॉ. विजय सिंह यादव ने बताया ऋतुओं की लेट-लतीफी के चलते पिछले कुछ सालों में विदेश या प्रवासी पंछियों की संख्या घटी है, हालांकि इस बार ठंड सही समय पर शुरू हुई है तो उम्मीद है इस बार ज्यादा पंछी जबलपुर आएंगे। अभी जो आए हैं उन्हें देखकर तो यहीं संभावना जताई जा सकती है।

Published on:
02 Nov 2023 01:25 pm
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