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मप्र का सबसे बड़ा फ्रॉड: फर्जी लेटर से खुद को बना लिया राज्यमंत्री, जेडीए का अध्यक्ष

मप्र का सबसे बड़ा फ्रॉड: फर्जी लेटर से खुद को बना लिया राज्यमंत्री, जेडीए का अध्यक्ष  

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MP biggest fraud

जबलपुर। सामान्य प्रशासन विभाग का फर्जी आदेश लेकर जेडीए अध्यक्ष बनने का ख्वाब बुनने वाला अब पुलिस से बचने की जुगत में लगा है। सोमवार रात पुलिस ने उसके घर दबिश दी। पता चला कि वह दोपहर से ही फरार हो गया। पुलिस को जांच में पता चला कि वह अपने दो पहिया वाहन में भी जेडीए अध्यक्ष लिखाकर चल रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

वाहन पर भी लिखा रखा है जेडीए अध्यक्ष
फर्जी आदेश लेकर जेडीए अध्यक्ष बनने का ख्वाब बुनने वाला घर से फरार

ओमती पुलिस के अनुसार प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि फूटाताल सराफा रोड निवासी अब्दुल महमूद को उक्त आदेश पत्र उसके घर में लिफाफे में मिला था। इस लिफाफे पर डाक टिकट आदि चस्पा थे। पत्र 22 फरवरी को केके सिंह के नाम से जारी किया गया था। इसमें रंगरेज को जेडीए अध्यक्ष और राज्यमंत्री का दर्जा देने का जिक्र किया गया था। आदेश पत्र मिलने के साथ ही उसने अपने वाहन में जेडीए अध्यक्ष लिखा लिया था। टीआई ओमती शिव प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि फर्जी जेडीए अध्यक्ष सम्बंधी आदेश का मामला रंगरेज की गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट होगा।

ये है मामला
22 फरवरी को सराफ रोड फूटाताल निवासी अब्दुल महमूद रंगरेज जेडीए पहुंचा। वहां अधिकारियों को एक आदेश पत्र दिया। उसमें उसे मध्यप्रदेश प्राधिकरण अधिनियम 1961 की धारा 19 की उपधारा (1) के अंतर्गत जेडीए का अध्यक्ष बनाए जाने और राज्यमंत्री का दर्जा जिक्र था। विभाग ने शासन से पत्र की पुष्टि कराई तो 29 जून को बताया गया कि उक्त आदेश फर्जी है। सोमवार को जेडीए की ओर से ओमती में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कराया।