MP सरकार ने कोर्ट में कहा अतिक्रमण मुक्त हो गया है पचमढ़ी

सभी अवैध कब्जे हटाए, केंद्र व राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दिया जवाब, केंट बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट पेश करने के लिए मोहलत

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Jun 30, 2016
High Court Jabalpur Patrika

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में केंद्र व राज्य सरकार ने बताया है कि पर्यटन स्थल पचमढ़ी के केंट इलाके के अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। पचमढ़ी केंट बोर्ड ने कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा पेश करने के लिए जस्टिस एसके गंगेले व जस्टिस एके जोशी की युगलपीठ से मोहलत मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

यह है मामला
पचमढ़ी केंट क्षेत्र में अतिक्रमण के चलते प्राकृतिक सौंदर्य व वन्य प्राणियों को खतरे की आशंका को देखते हुए 2013 में मप्र हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था। समय-समय पर हाईकोर्ट ने यहां के अतिक्रमण हटाने के लिए केंट बोर्ड पचमढ़ी, रक्षा मंत्रालय व गृह विभाग सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए थे। सात दिसंबर 2015 को डिप्टी कलेकटर होशंगाबाद, केंट बोर्ड पचमढ़ी के सब इंजीनियर व जबलपुर रक्षा संपदा अधिकारी कोर्ट के निर्देश पर स्वयं हाजिर हुए थे। कोर्ट को जानकारी दी गई थी कि केंट व डिफेंस की सारी जमीन से सभी अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। कोर्ट को सुको के निर्देश का हवाला भी दिया गया था, जिसमें अतिक्रमण हटाने व अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास का मसला निपटाने के लिए चार माह का समय और दिया गया था।

ये हुआ सुनवाई में
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान केंद्र व राज्य सरकार की आेर से बताया गया कि केंट बोर्ड की सरकारी जमीन को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त करा लिया गया है। वहीं केंट बोर्ड की ओर से इस सम्बंध में विस्तार से शपथ-पत्र पर वर्तमान स्थित का अद्यतन ब्योरा प्रस्तुत करने के लिए मोहलत मांगी गई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई नियत की।
Published on:
30 Jun 2016 09:16 pm
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