
mp high court judgement in hindi
जबलपुर. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साल में एक बार आयोजित की जाने वाली नेशनल लोक अदालत लंबित विवादों के लिए रामबाण साबित हुई है। बीते चार सालों में नेशनल लोक अदालत के जरिए प्रदेश में सात लाख से अधिक विभिन्न अदालतों में बरसों से लंबित मामलों का समझौते से निराकरण किया जा चुका है।
इन मामलों में होता है समझौता
आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्रम्य अधिनियम की धारा 138 के अन्तर्गत चेक बाउंस प्रकरण, बैंक रिकवरी सम्बन्धी मामले, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, श्रम विवाद , विद्युत एवं जल कर, बिल सम्बन्धी प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण तथा सेवानिवृत्ति सम्बन्धी लाभों से जुड़े सेवा मामले, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले व प्रिलिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) के प्रकरण।
टोल फ्री नंबर से मिल सकती है मदद
गरीबों को नि:शुल्क कानूनी मदद के लिए प्राधिकरण नेशनल हेल्प लाइन टोल फ्री नंबर जारी किया है। कार्यदिवस में 10:30बजे से 5:30 बजे तक टोल फ्री नंबर 15100 पर डायल कर हेल्प लाइन की मदद ली जा सकती है। प्राधिकरण नागरिकों में कानूनी जागरुकता जगाने व गरीब पक्षकारों को नि:शुल्क कानूनी मदद मुहैया कराने में अग्रणी सरकारी संस्थान है। 547, साउथ सिविल लाइन्स, पचपेढ़ी जबलपुर में इसका मुख्यालय है। प्राधिकरण के पास जो आवेदन आते हैं, उनके अनुरुप कार्यवाही कर संबंधित की कानूनी मदद तो की ही जाती है। गरीबों को नि:शुल्क कानूनी मदद उपलबध कराने के लिए प्राधिकरण ने टोल फ्री हेल्प लाइन भी जारी की है।
नेशनल लोक अदालत शृंखला से अदालतों का बोझ काफी कम हुआ है। शमनीय प्रकरणों के लिए यह कारगर उपाय है।
- ब्रजेन्द्र सिंह भदौरिया, सदस्य सचिव, मप्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण
READ MORE-
Published on:
18 Mar 2018 02:05 pm

बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
