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MP News: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने गुरुवार को सतना के कोतवाली थाने में पदस्थ रविंद्र द्विवेदी को ऐसी सजा सुनाई है। जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। टीआई को 1 हजार फल वाले पौधे लगाने होंगे और साथ ही उनकी देखभाल करनी होगी।
दरअसल, ये सजा जबलपुर हाईकोर्ट ने रविंद्र द्विवेदी को दुष्कर्म के एक मामले में कोर्ट के नोटिस की तामीली नहीं कराई थी। जिसके बाद जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने आदेश का परिपालन न करने पर सतना के कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र द्विवेदी को अनोखी सजा सुनाई। कोर्ट ने निर्देश दिए कि टीआई चित्रकूट में आम, जामुन, महुआ, अमरूद जैसे 1000 फलदार पौधे लगाने होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, इनकी देखरेख करेंगे और जीपीएस लोकेशन सहित इनकी फोटो रिपोर्ट में पेश करनी होंगी। अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।
सतना जिले के निवासी रामअवतार चौधरी को नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जिला कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ रामअवतार चौधरी ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर चुनौती दी। इसमें बीते साल 30 सितंबर 2024 को हाईकोर्ट ने पीडि़ता को नोटिस जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र द्विवेदी द्वारा यह नोटिस समय पर तामील नहीं कराया गया। जिस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। थाना प्रभारी ने माफी मांगी तो कोर्ट से कहा कि वह पुलिस महानिरीक्षक द्वारा लगाई गई पांच हजार की जुर्माना राशि का भुगतान करेंगे और स्वयं 1000 पौधे लगाएंगे।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के द्वारा निर्देश दिए गए कि पौधे आम, जामुन, महुआ, अमरूद जैसे फलदार किस्मों के हों। ये पौधे सतना जिले के चित्रकूट में 1 जुलाई 2025 से 31 अगस्त 2026 तक लगाए जाएंगे। कोर्ट के द्वारा साफतौर पर स्पष्ट किया गया है कि लगाए हुए पौधों की देखभाल स्वयं थाना प्रभारी को ही करनी होगी। ताकि पौधे अच्छे तरह स्थापित हो पाएं। इसमें सतना एसपी को टीआई के द्वारा लगाए गए पौधों का निरीक्षण करना होगा।
Published on:
26 Jun 2025 08:58 pm
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