
जबलपुर। शहर में शुक्रवार को दिन भर काले बादल छाए रहे। मौसम में परिवर्तन के बीच दिन में भी शहर धुंध के आगोश में रहा। पूरे दिन सूर्य देवता की झलक नहीं मिली। दोपहर में भी रोशनी कम होने के साथ शाम को जल्दी अंधेरा छा गया। आसपास के जिलों में बूंदाबांदी के बीच ठंडी हवा के झोंके आए। नमी भरी हवा के साथ पहाड़ी राज्यों की ओर से आई मिश्रित हवा ने मौसम में ठंडक घोली। पारा लुढकऩे के साथ सुबह-शाम के तापमान के बीच अंतर कम रह गया। इससे दोपहर बाद से हल्की ठंड महसूस होने लगी। रात में हवा सर्द महसूस होने से फिर ठंड की वापसी हुई है।
सामान्य से कम तापमान
हवा में ठंड घुलने के साथ ही गुरुवार तक सामान्य से ऊपर चल रहा पारा शुक्रवार को लुढककऱ सामान्य से नीचे पहुंच गया। अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस था। यह सामान्य से तीन डिग्री सी ज्यादा था। न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा 19.4 डिग्री रेकॉर्ड हुआ। शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 4.6 डिग्री की गिरावट आई। यह 26.2 डिग्री रेकॉर्ड हुआ। सामान्य से दो डिग्री सी कम था। न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री ज्यादा 20 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। आद्र्रता सुबह के समय 91 प्रतिशत और शाम के समय 69 प्रतिशत थी। उत्तर-पूर्वी हवा दो किमी प्रतिघंटा की गति से चली।
एक-दो दिन बाद बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दो ट्रफ लाइन बनी है। इसमें एक पश्चिम मध्यप्रदेश और दूसरी दक्षिण पूर्वी मप्र तक असर कर रही है। दक्षिणी अरब सागर में चक्रवात बना है। इसके प्रभाव से आसपास के जिलों में कहीं-कहीं बूंदबांदी हुई है। नमी भरी हवा आने के काले बादल बने रहने से तापमान में गिरावट आई है। अभी एक-दो दिन मौसम ऐसा अनमाना सा बना रह सकता है। शनिवार को सम्भाग सहित शहर में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बौछार पडऩे की सम्भावना है। 22 नवम्बर तक हिमालय की तराई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश की सम्भावना व्यक्तकी गई है।
Published on:
21 Nov 2020 12:30 pm
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