रेवेन्यू विभाग मामला, ऊर्जा मंत्री के ओएसडी रहे सक्सेना को किया पदस्थ
जबलपुर
शक्तिभवन से रवेन्यू विभाग को भोपाल शिफ्ट किए जाने का विरोध जारी है तो वहीं दूसरी और गुपचुप नए सीजीएम की भी पदस्थापना के आदेश हो गए हैं। ऊर्जा मंत्री के ओएसडी रहे शैलेन्द्र सक्सेना को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी में सीजीएम राजस्व प्रबंधन के पद पर तीन सालों के लिए प्रतिनियुक्ति प्रदान की गई है। सक्सेना का मूल पद अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता का है। इसका शहर में विरोध किया जा रहा है जिसे देखते हुए सफाई दी जा रही है कि रेवेन्यू की जगह टैरिफ पिटीशन का कार्य भोपाल से किया जाएगा। मप्र शासन उर्जा विभाग के ओएसडी नीरज अग्रवाल द्वारा यह आदेश निकाला गया है।
नियुक्ति आदेश का विरोध
आदेश का मप्र विद्युत मंडल अभियंता संघ ने विरोध जताया है। ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर संघ के महासचिव ईजी. व्हीके एसएस परिहार ने कहा कि मुख्य महाप्रबंधक राजस्व प्रबंधन में उपमहाप्रबंधक स्तर के अधिकारी की नियुक्ति मनमानी भाई भतीजावाद का उदाहरण है। इसका संघ विरोध करता है यदि आदेश वापस नहीं होता है तो सामूहिक अवकाश भी लिया जाएगा।
सीएम से मिलेगा मंच
नागरिक उपभोक्ता मंच ने रेवन्यू विभाग को भोपाल स्थानांतरित करने के मामले में अगले सप्ताह विधायक अजय विश्नोई के साथ प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से चर्चा करेगा। और स्थानांतरण आदेश को निरस्त करने की मांग की जाएगी। डॉ पीजी नाजपांडे ने कहा कि ऊर्जा सचिव संजय दुबे का बयान केवल टेरिफ पिटीशन का काम भोपाल में होगा यह हास्यास्पद है। महात्वपूर्ण इकाई को स्थानांतरित करना विखंडन माना जाएगा। शक्तिभवन से राजस्व कार्यालय को भोपाल स्थानांतरित करने के विरोध में आम आदमी पार्टी ने सदबुद्धि यज्ञ कर अपनी नाराजगी जताई और मां नर्मदा से प्रार्थना की कि मुख्यमंत्री को सदबुद्धि दें ताकि जबलपुर की जनता के साथ छल न करके एक तरह से शक्तिभवन के विखंडन का आदेश वापस लिया जाए।