20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#MSP फर्जीवाड़ा: बारदाने से अधिक की कर डाली खरीदी

- 1200 क्विंटल का गोलमाल, बेयरहाउस संचालक सहित दो पर एफआइआर जबलपुर। गेहूं की खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सरकार की ओर से जितने बारदाने दिए गए थे, उससे अधिक तौल बता दी गई। 1200 क्विंटल की हेराफेरी उजागर होने पर हल एग्री प्रोड्यूसर कम्पनी के संचालक और बढैयाखेड़ा चरगवां स्थित मयंक वेयर हाउस के मालिक नरेंद्र तोमर तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर विवेक राजपूत के खिलाफ चरगवां पुलिस ने रविवार को प्रकरण दर्ज किया।

less than 1 minute read
Google source verification
बेयरहाउस संचालक सहित दो पर एफआइआर

gehun bhandaran


पुलिस ने बताया कि रबी उपार्जन वर्ष 2023-24 में किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए मयंक वेयर हाउस में गोदाम स्तरीय खरीदी केंद्र बनाया गया था। उपार्जन में अनियमितता और गड़बड़ी बरते जाने की शिकायत पर कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने मप्र वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के प्रबंधक एसआर निमोदा, सहायक आपूर्ति अधिकारी संजय खरे एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आभा शर्मा को आकस्मिक जांच के निर्देश दिए।

जांच में खुला फर्जीवाड़ा
20 मई को संयुक्त जांच में पाया गया कि मयंक वेयर हाउस स्थित इस खरीदी केंद्र को 70 हजार बारदाने उपलब्ध कराए गए थे। इनमें 50 किलोग्राम प्रति बारदाने के हिसाब से कुल 35 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी ही की जा सकती है। जबकि, कम्प्यूटर जनित पत्रक में 36200 क्विंटल गेहूं की खरीदी प्रदर्शित की गई थी। इस प्रकार इस खरीदी केंद्र में 1200 क्विंटल गेहूं की फर्जी खरीद दर्शाई गई।

कम मिला बोरियों में गेहूं
जांच दल ने शिकायत की पुष्टि के लिए रेंडम आधार पर 50 बोरियों की तौल भी कराई। बारदाने के 580 ग्राम वजन सहित 25.29 क्विंटल के स्थान पर इन बोरियों में 24.69 क्विंटल गेहूं पाया गया। रैंडम आधार पर की गई तौल में पाई गई कमी के अनुपात के अनुसार मयंक वेयर हाउस के वास्तविक स्टॉक में 847.09 क्विंटल गेहूं की कमी स्पष्ट हुई। जांच दल को समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदे गए गेहूं की बोरियों में कोड और किसानों के नाम के टैग भी नहीं मिले।